Published On : Sat, Aug 7th, 2021

भारी मात्रा में भूमिगत कोयला भंडारण की गिरप्त मे आधा नागपुर जिला

– भूगर्भ का संतुलन बिगडने से भूकंप का खतरा


नागपुर: नागपुर ग्रामीण तहसील अंतर्गत उतर-पश्चिम तथा ईशान दिशा के परिक्षेत्र मे भूमिगत कोयला का भंडारण छिपा हुआ है।यदि समय रहते सरकार ने यह काला हीरा बनाम कोयला के भंडार को नही निकाला गया तो निकट भविष्य कभी भी भूगर्भ का संतुलन बिगड़ने से वहाँ संभावित भूकंप के खतरे की तबाही को नही रोका जा सकता है। परिणामतः संभावित भूकंप के झटके से जन हानी एवं भारी वित्तीय हानी हो सकती है।

बताते हैं कि नागपुर तहसील ग्रामीण का करीबन 50 से 55 प्रतिशत एरिया कोल बेल्ट की चपेट मे आने की वजह से तमाम किसान, बिल्डर्स,गगनचुम्बी भवन- इमारते मकान व दुकान धारकों को अपने भविष्य की चिंता काफी समय से सता रही है। हालांकि इस संबंध में विगत 10 वर्ष पूर्व ही राजस्व प्रशासन की ओर से संबंधित कोल बेल्ट परिक्षेत्र की ग्राम पंचायतों को आदेश जारी किया गया था।जिसमे कोयला बेल्ट प्रभावित क्षेत्रों के मकान-भवन निर्माण की एन ओ सी तथा जमीन खरीदी- बिक्री का पंजीयन(रजिस्ट्री) पर रोक लगा दी गई थी। नतीजतन राजनैतिक दबाव-प्रभाव फलस्वरूप तथा बिल्डर भूमाफियाओं की तरफ से भारी लेन-देन-सौदेबाजी बतौर भ्रष्टाचार के चलते मामले को यूं ही दबा दिया गया।

शासन द्वारा जारी निर्देशों मे स्पष्ट किया गया था कि प्रभावित क्षेत्रों में ओपन कास्ट कोयला खदान के प्रभाव अंतर्गत आ गया है।इस आदेश के बाद प्रभावित क्षेत्रों में निर्माणाधीन मकान तथा प्लाट धारकों पर धर्मसंकट मंडराने लगा है यदि इसकी जांच हूई तो भूमाफिया बिल्डरों पर कार्यवाई की गाज गिर सकती है? महाराष्ट्र शासन के खनिज संपदा विभाग के सूत्रों की माने तो भूमिगत कोयला बेल्ट प्रभावित क्षेत्रों में मौजा गोरेवाडा की कृषि उपज राजस्व भूमि 347.33 हेक्टेयर, सरकारी जमीन 398.45 हेक्टेयर,इस तरह कुल 745.78 हेक्टेयर भूमि कोल बेल्ट मे जाने की जानकारी प्राप्त हुई है ।इसी प्रकार मौजा झिंगाबाई पालकी की राजस्व भूमि 493.77 तथा सरकारी पांधन-रास्ता भूमि 78.60. एसे कुल 572.37 हेक्टेयर,मौजा गोधनी रेलवे की कृषि राजस्व-भूमि 418.06 व शासकीय भूमि 150.96 एसी कुल 576.02 हेक्टेयर , मौजा पिटेश्वर की कृषि राजस्व भूमि 137.03 व शासकीय भूमि 200.92 ऐसे 337.95 हेक्टेयर,मौजा भरतवाडा की कृषि उपज राजस्व भूमि 404.27 शासकीय भूमि 71.24 कुल 475.51 हेक्टेयर, मौजा चक्की खापा की कृषि उपज राजस्व भूमि 208.54 व शासकीय भूमि 74.90 कुल 283.44 हेक्टेयर है।

उल्लेखनीय है कि मौजा चक्की खापा मे भोसले मिलिटरी स्कूल है,उसी प्रकार मौजा लोणारा की कृषि उपज राजस्व भूमि 506.67 व शासकीय भूमि 40.96 कुल 547.63 हेक्टेयर, मौजा बोखारा की कृषि उपज राजस्व भूमि 460.95 हेक्टेयर, मौजा नारा की कृषि उपज राजस्व भूमि 763.45 व शासकीय भूमि 35.31 कुल 718.76 हेक्टेयर इस प्रकार राजस्व भूमि के आंकड़े 3739.84 हेक्टेयर तथा शासकीय भूमि 1204.97हेक्टेयर भूमि मिलाकर कुल 4944.41 अर्थात 12298.13 एकड भूमि प्रस्तावित कोल बेल्ट के लिए अधिग्रहण करने के संदर्भ में खुलासा हुआ था.

परंतु तत्कालीन संबंधित राजनेताओं और भूमाफिया बिल्डरों की सांठ-गांठ के चलते मामले को फ़ाईलों मे कैद करवा दिया गया है ? परंतु भू वैज्ञानिकों की माने तो इस परिक्षेत्र मे उपलब्ध भूमिगत कोयला मे गंधक की मात्रा भरपूर होने की वजह से भूगर्भीय हलचलों का संतुलन मे बिगाड़ आया तो किसी भी क्षण वहाँ भारी भूकंप के झटके से तबाही हो सकती है। इस मामले को फ़ाईलों मे बंद करवाने मे राजनैतिक गलियारों और भूमाफिया बिल्डरों ने ऐंडीचोटी का पुरज़ोर कोशिश की। परंतु संभावित भूकंप की दुर्घटनाओं को कोई माई का लाल नहीं रोक सकता है। इस संबंध मे आल इंडिया सोसल आर्गेनाइजेशन ने केंद्रीय सरकार से मांग की है कि भूमिगत कोल बेल्ट परिक्षेत्र मे संभावित भूकंप की तबाही को रोकने के लिए अधिकारियों ने उचित पहल करना चाहिए।

– राजीव रंजन कुशवाहा(rajeev.nagpurtoday@gmail.com)