Published On : Mon, Jul 16th, 2018

जी.एस.टी का मकसद समान कर और समान अवसर –पीयूष गोयल

Advertisement

Nagpur: केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जी.एस.टी में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ही सरकार विभिन्न जगहों पर सेमिनार का आयोजन कर रही है श्री गोयल आज नागपुर में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के सदस्यों के साथ चर्चा कर रहे थे। श्री गोयल ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के साथ सलाह मशविरा करने के बाद जो खाका तैयार किया गया था उसे हमने लागू किया और उसके बाद से ही इसके सुधार के लिए आने वाले सुझावों के आधार पर ही हम इसमें सुधार करते जा रहे है।

जी.एस.टी के सम्बंध श्री गोयल ने कहा कि सेमिनार में व्यापारियों के तरफ से जो सुझाव आए है लगभग पूरे देश के सभी व्यापारियों की तरफ से वही सुझाव मिल रहे है और जो भी नवीन सुझाव मिलता है उस पर पूरी तरह से विचार किया जा रहा है ताकि जी.एस.टी का सरलीकरण किया जा सके। श्री गोयल ने माना कि जी.एस.टी को व्यापारियों से बेहतर सरकार भी नहीं समझ सकती है।

Advertisement

उन्होने बताया कि जी.एस.टी क्लेम रिफंड का तीसरा चरण कल से शुरु हो गया है एक्सपोर्ट के लिए तो रिफंड कि प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है। १० लाख तक सेल्फ डि़क्लेरेशन और १० लाख से ऊपर पर सी.ए. का सर्टिफिकेट आधार पर क्लेम अडिट चैक कर लिया जाएगा देश में कुछ लोग जो गलत काम करते है वो देश और दुनिया का नुकसान करते है ।

व्यापारी जो ईमानदारी से टैक्स भरते है उनसे गरीब तबके को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है जो लोग गलत करते है उसका सबसे बडा नुकसान व्यापारियों को होता है। तो वो भी गलत करने वाले से कॉम्पीटिशन करने के लिए गलत करने लगते है ताकि वो उससे मुकाबला कर सकें।

जी.एस.टी लाने के पीछे का मकसद था कि पूरे देश को एक कर ढांचा और सबको समान अवसर मिल सके । इस मौके पर केंद्रीय मंत्री श्री. नितिन गडकरी ने कहा कि जी.एस.टी प्रधानमंत्री मोदी सरकार का बडा मिशन है। ताकि एक समान कर प्रणाली लागू कर देश में बढ रहे भष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके । कार्यक्रम में महाराष्ट्र के वित्तमंत्री श्री सुधीर मुंगटीवार ने जी.एस.टी पर अपने विचार रखे। जी.एस.टी आयुक्त श्री ए. के पांडे तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारी संगठनों के सदस्य मौजूद थे।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement