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    Published On : Wed, Aug 9th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोविंदाचार्य ने भी किया नागपुर मेट्रो के चीनी कारखाने का विरोध

    Govindacharya
    नागपुर
    : 9 अगस्त क्रांति दिन के अवसर पर नागपुर में चीनी वस्तुओं के ख़िलाफ़ क्रांति का बिगुल फूका गया। संघ से जुड़ी संस्था स्वदेशी जागरण मंच और वरिष्ठ संघ विचारक राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक के एन गोवंदाचार्य ने चीनी वस्तुओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। नागपुर में हुए इस प्रदर्शन का केंद्रबिंदु नागपुर मेट्रो के लिए डिब्बों का निर्माण करने के चीन रोलिंग स्टॉक कॉर्पोरेशन का कारखाना रहा। नागपुर में चीन के कारखाने का तीव्र विरोध करते हुए गोविंदाचार्य ने कहाँ की देश के किसी भी प्रोजेक्ट में चीन और पाकिस्तान को भाग लेने की इजाज़त ही नहीं दी जानी चाहिए।

    दलील दी जा रही है की वैश्विक व्यापारिक निति के तहत ऐसा करना मुश्किल है पर मेरा दृढ मत है की भारत को वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन का हिस्साबनने के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। अपने दम पर आवश्यक संसाधन का विकास करना चाहिए जिन चीजों पर निर्भरता न हो उसके लिए विदेशी सहयोग लेना चाहिए। अमेरिका जैसा देश डब्ल्यूटीओ पर भरोसा नहीं रखता है। भारत को अपनी शर्तो पर समझौता करना चाहिए द्विपक्षीय रिश्तो को भावना से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। युद्ध सिर्फ सेना और हथियारो से नहीं लड़े जाते। देश हित में चीन के ख़िलाफ़ आर्थिक युद्ध के लिए देश की जनता को तैयार हो जाना चाहिए।

    वही स्वदेशी जागरण मंच के स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख अजय पत्की ने फिर एक बार अपना विरोध चीनी कारखाने पर जताया। उन्होंने कहाँ कि सरकार पर इस कारखाने का करार रद्द करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है हमें अपने अभियान का परिणाम अपेक्षित है और यह करार रद्द होने की उम्मीद भी। चीनी कारखाने के निर्माण को लेकर मेट्रो की तरफ से आयी सफ़ाई पर पत्की ने कहाँ ऐसा बयान चीन को लंगडा समर्थन जैसा है।

    ग्लोबल टेंडर में भारत की किसी कंपनी ने भाग नहीं ले पायी या डिब्बे सस्ते में मिलने की वजह से करार चीन की कंपनी को दिया गया यह कहना हास्यास्पद है। चीन बिना स्वार्थ के कुछ नहीं करता क्या अगर चीन मुफ्त में डिब्बे दे देता तब भी स्वीकार कर लिया जाता। यहाँ 10 -20 रूपए की चीनी वस्तुओं के लिए हम आंदोलन कर रहे है। यहाँ तो सवाल 850 करोड़ का है। सरकार के दफ़्तर में हमने अपनी बात रखी है हमें चीनी कंपनी का ठेका रद्द होने की प्रबल उम्मीद है।


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