Published On : Fri, Apr 10th, 2020

कोरोना को “नैसर्गिक आपत्ति” में शामिल कर सरकार दे भत्ता:शाहिद शरीफ़

नागपुर- Covid-19 नागपुर 22 मार्च से देश में नागरिक कोरोना महामारी से जूझ रहे है. सरकार ने पूर्ण किसी सुविधा के कर्फ्यू पूरे देश में लगवा दिया लेकिन हालात चिंताजनक है. एन्टी एडल्ट्रेशन कमेटी के अध्यक्ष मो. शाहिद शरीफ रोजाना नागरिको को खाद्य पदार्थ बाट रहे है. नागरिकों से भोजन वितरित करते समय उन्होंने बात की
तो नागरिको ने कहा कि हम उधार की ज़िंदगी कब तक जिएंगे. “ हमारे पास रोज़ी रोटी का साधन नहीं मजूरी कर के जीवन व्यतीत करना पड़ता है.
ऐसे में जब हमारे पास पैसा नहीं रहेगा तो हम क्या करेंगे हमें आज पैसे की ज़रूरत है.

उधर मुफ़्त में प्रति व्यक्ति पाँच किलो चावल मिलने की घोषणा की गई लेकिन अभी तक उसका वितरण नहीं किया गया है.
यही हाल अस्पतालों में है ऑक्सीजन सिलेंडर भी हमको बाहर से लाने को कहा गया है. संस्था की मदद से ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए. जीवों और मरो की नौबत आ गई है.

शरीफ ने कहा है कि सरकार के अधिनियम के तहत नैसर्गिक आपत्ति में बाढ़ ग्रस्त,सूखाग्रस्त और अधिक वर्षा होने की परिस्थिति में प्रत्येक परिवार को भत्ते के स्वरूप 2 हज़ार रुपये देने का प्रावधान,राज्य सरकार शासन निर्णय में

संशोधन कर कोरोना महामारी को शामिल कर मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए खऔटी का प्रावधान करे.
सरकार की ओर से दी जाने वाली रसद सामग्री नागरिकों का जीवन व्यापन कराने के लिए सम्पूर्ण मदद योग नहीं है. सरकार कोरोना महामारी से मरने वाले नागरिकों के परिवार को मुआवज़ा देने की माँग मो शाहिद शरीफ ने प्रशासन से की है.