Published On : Fri, Oct 30th, 2020

सरकारी जमीन घोटाले की निवेदन सह दस्तावेज जिलाधिकारी कार्यालय से गायब

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– जिलाधिकारी सह राजस्व विभाग के आवक-जावक में कोई जिक्र नहीं,मंगलवार 27 अक्टूबर को जिलाधिकारी कार्यालय के आवक-जावक कर्मी हुए परेशान

नागपुर – वर्ष 2020 की जनवरी माह के 17 तारीख को जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे को उमरेड तहसील के 1200 एकड़ सरकारी जमीन की हेराफेरी की लिखित जानकारी सह सबूत पेश किये गए,जिसे आवक-जावक में सिक्का भी लगवाया गया.लेकिन 10 माह बीत जाने के बाद जिलाधिकारी आजतक सिर्फ आश्वासन ही दे रहे.

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इस संबंध में मंगलवार 27 अक्टूबर को जिलाधिकारी कार्यालय के आवक-जावक तहकीकात करने पर जानकारी मिली कि सिक्का के हिसाब से निवेदन न जिलाधिकारी कार्यालय में हैं और न ही राजस्व विभाग में.अर्थात इसे गायब कर दिया गया या फिर करवा दिया गया।आवेदक ने पुनः 27 अक्टूबर को दोबारा निवेदन सबूत जिलाधिकारी कार्यालय के कर्मी को थमाया,अब देखना यह हैं कि जिलाधिकारी इस मामले पर क्या रुख अख्तियार करते हैं ?

याद रहे कि जब 17 जनवरी 2020 को जिलाधिकारी के नाम उनके आवक-जावक में एक उक्त निवेदन जमा करवाया और उसी दिन जिलाधिकारी रकवीन्द्र ठाकरे से इस सम्बन्ध में मुलाकात की तो उन्होंने निवेदन को पढ़ा और आवक-जावक में जमा किये गए निवेदन सह सबूत का प्रत अपने कार्यालयीन कर्मी के द्वारा मंगवा कर अपने कब्जे में ले लिए और गोपनीय जाँच करवाने का आश्वासन दे दिए.इसके बाद मई 2020 तक लगातार संपर्क करते रहे लेकिन कुछ नहीं किये।

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मई माह में एक दिन सुबह जिलाधिकारी ठाकरे ( COLLECTOR RAVINDRA THAKRE ) का संदेशा आया कि दोपहर 12 बजे के आसपास उनके कार्यालय में मिलने आए.वहां जाने पर उन्होंने पुनः निवेदन सह सबूत के प्रत की मांग की,जब उन्हें दोबारा दिया गया तो उन्होंने उसे उमरेड SDO को भेजा और उसकी जाँच रिपोर्ट तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद से 5 माह बीत गए आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही संपर्क करने पर जवाब दे रहे ,नियमित टालमटोल कर रहे.अर्थात दाल में काला हैं ?

उक्त निवेदनकर्ता ने 27 अक्टूबर को जनवरी में दी गई निवेदन के सन्दर्भ में जिलाधिकारी कार्यालय के आवक-जावक में जानकारी मांगी तो वहां ENTRY नहीं दिखी,वहां के कर्मी ने REVENUE DEPARTMENT में जाकर वहां के आवक-जावक में छान मारा लेकिन वहां भी नहीं दिखी।फिर उसका ज़ेरॉक्स निकाल कर पुनः जिलाधिकारी के निजी सहायक को सुपुर्द किया ताकि उचित ठोस कार्रवाई हो सके.अर्थात पहले 2 बार दिए गए निवेदन आखिर गए कहाँ ? क्या इसे गायब कर दिया गया या फिर मामला को दबाया जा रहा ?

27 अक्टूबर को कुछ शिष्टमंडल RDC से मिले
उक्त मामले की जाँच सह ठोस कानूनन कार्रवाई हेतु अल्पसंखयक कांग्रेस,एमओडीआई फाउंडेशन का संयुक्त शिष्टमंडल RDC से मुलाकात की,RDC ने भी परंपरागत तरीके से उन्हें जाँच का आश्वासन दे कर लौटा दिया।

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