Published On : Fri, Feb 16th, 2018

दो साल के बीएड कोर्स के बजाए चार साल का इंटेग्रेटिड बीएड कोर्स शुरू करने की तैयारी में है सरकार

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नागपुर: टीचर्स एजुकेशन का स्तर सुधारने के लिए अब एचआरडी (ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट- मानव संसाधन विकास मंत्रालय) मिनिस्ट्री दो साल के बैचलर इन एजुकेशन (बीएड) कोर्स को खत्म कर चार साल का इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करने की दिशा में काम कर रही है. वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट स्पीच में इसका ऐलान भी कर चुके हैं. मिनिस्ट्री के अनुसार इसका मकसद यह भी है कि वही लोग टीचिंग प्रोफेशन में आएं जो इसे लेकर गंभीर हैं.

मिनिस्ट्री के एक अधिकारी के मुताबिक मिनिस्ट्री ने नैशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) को लिखा है कि वह इंटेग्रेटिड बीएड कोर्स की दिशा में काम करना शुरू कर दें. उम्मीद है कि अगले शैक्षणिक सत्र में स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद इंटेग्रेटिड बीएड कोर्स ऑफर किया जाएगा. तब स्टूडेंस 12वीं के बाद बीए-बीएड या बीएससी-बीएड जैसे कोर्स में ऐडमिशन ले सकेंगे. यह कोर्स चार साल का होगा .

मिनिस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक इससे बीएड के नाम पर दुकान चला रही संस्थाएं बंद हो जाएंगी और फिर कॉलेज-यूनिवर्सिटी में ही बीएड कर टीचर निकलेंगे. न्यू एजुकेशन पॉलिसी बनाने के लिए टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में जो कमिटी बनी थी उसने भी मौजूदा 2 साल के बीएड कोर्स को चार साल के इंटेग्रेटिड कोर्स में तब्दील करने की सिफारिश की थी. हालांकि उस कमिटी के ड्राफ्ट को पॉलिसी ड्राफ्ट नहीं माना गया और उसे पॉलिसी के लिए आए सुझावों का हिस्सा ही माना गया।

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