| | Contact: 8407908145 |
    Published On : Mon, May 22nd, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    सरकार के पास चहिते उद्योगपतियों के लिए पैसे किसानों के लिए नहीं – पी एल पुनिया


    नागपुर : 
    प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने कृषि समस्या और किसान आत्महत्या के मामले में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है। सोमवार को नागपुर में पार्टी के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता पी एल पुनिया ने किसानों के प्रश्नो पर केंद्र सरकार द्वारा असंवेदनशीलता बरतने का आरोप लगाया। पुनिया ने जानकारी देते हुए बताया की देश में हर दिन 35 किसान आत्महत्या कर रहे है जबकि महाराष्ट्र की स्थिति देश में सबसे ज्यादा चिंताजनक है। देश भर में हो रही आत्महत्या में 37 फीसदी भागेदारी अकेले महाराष्ट्र की है यह आंकड़े बताते है की किसान की हालत कितनी ख़राब है इसलिए राज्य के किसानों को कर्जमाफी की आवश्यकता है।

    पुनिया ने मोदी सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र की दुरावस्था का लेखाजोखा भी पेश किया। किसान कर्ज और उत्पादन न होने की वजह से आत्महत्या कर रहा है वर्ष 2015 में 12 हजार 602 किसानो ने आत्महत्या की इन आत्महत्याओं में से 72 फ़ीसदी किसान ऐसे है जिनके पास 2 हेक्टर से कम खेती है। इस वर्ष महाराष्ट्र में वर्ष 2017 के दौरान जनवरी महीने में 202 फ़रवरी में 202 और मार्च में 225 किसानो ने आत्महत्या की पिछले तीन महीनो में 629 किसानो ने अकेले राज्य में आत्महत्या की। आत्महत्या के मामलों में से सरकार ने 224 मामलों को आर्थिक मदत दी जबकि 138 मामलों को नकार दिया गया और 267 मामलों की जाँच अब भी शुरू है।

    बीते वर्ष में राज्य में 3 हजार 52 किसानो ने आत्महत्या की है जिनमे से 1629 किसानो को आर्थिक मदत तो दी गयी लेकिन 1668 किसानो के परिवारों को मदत देने से मना कर दिया गया। पुनिया ने स्पष्ट किया की कर्ज और फसल का उत्पादन न होने की वजह से यह आत्महत्या हो रही। किसानो की समस्या को सुलझाने के लिए कर्जमाफी अंतिम उपाय न भी पर अनुभव बताता है की कर्जमाफी की वजह से आत्महत्या के प्रमाण में कमी आयी है।

    बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए पुनिया ने कहाँ की एक और केंद्रीय वित्तमंत्री किसानो के लिए मदत से इनकार कर देते है दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कर्जमाफी करने की वजह से विकास के लिए पैसे न बचने का असंवेदनशील बयान देते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान किसानो से किया गया वादा पूरा न कर उनसे विश्वासघात किया है। सरकार ने अपने करीबी उद्योगपतियों के का 1 लाख 54 हजार करोड़ रूपए का कर्ज माफ़ किया है जबकि सरकार के पास किसानो के लिए पैसे नहीं है।

    Trending In Nagpur
    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145