Published On : Tue, Dec 20th, 2016

गोसीखुर्द, जाम नदीं व चिखली नाला परियोजना बाधित व लाभक्षेत्र से जिलाधिकारी ने हटाया प्रतिबंध

Advertisement

नागपुर: गोसीखुर्द परियोजना, काटोल तहसील के चिखली नाला परियोजना के साथ जाम नदी परियोजना के बाधित क्षेत्र के साथ लाभ क्षेत्र में शामिल 218 गांवों के 43 हजार 132.76 हेक्टर क्षेत्र पर भूधारकों को बिक्री, विभाजन, रूपांतरण व अन्य सुधारों के अधिकार प्रतिबंध हाटाने से किसानों को मिलेगा। जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने एक अधिसूचना जारी कर महाराष्ट्र प्रकल्प पीड़ित पुनर्वसन 1986 के कलम 11(1) को हटाते हुए किसानों को बड़ा दिलासा दिया है। यह जानकारी पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित एक पत्रपरिषद के माध्यम से दी। उन्होेंने जिलाधिकारी द्वारा लिए गए इस निर्णय के िलए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने बताया कि गोसीखुर्द परियोजना के भिवापुर, कुही व मौदा तहसील के 85 गांवों के 14 हजार 819.23 हेक्टर आर के बाधित क्षेत्र में 59 गांवों का 19 हजार 894.23 हेक्टर आर जमीन का लाभ क्षेत्र में समावेश था। काटोल के चिखली नाला प्रकल्प में 4 गांवो के 274.94 हेक्टर आर जमीन व 9 गांवों की 1192 हेक्टर जमीन लाभ क्षेत्र में शामिल थी। वहीं तीसरी जाम नदी प्रकल्प के 8 गांवों के 787.10 हेक्टर आर जमीन और बाधित क्षेत्र के 52 गांवों की 6245.27 हेक्टर आर जमीन लाभ क्षेत्र में शामिल थी। इन पर से प्रतिबंध हटाए जाने से गांव वासी भूखंडधारकों को बहुत लाभ पहुंचा है। जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने इस परियोजना अधिसूचित जमीन को 12(1) कलम के अंगर्तत बेचने, विभाजन करने,रूपांतरण, सुधार करने पर रोक लगी हुई थी। इसलिए इस लाभ क्षेत्र की जमीन का हस्तांतरण करना खुद की जमीन होते हुए भी उसके अधिकार से वंचित रखने पर प्रतिबंध लगा हुआ था। लेकिन इस प्रतिबंध को एक जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने एक अधिसूचना जारी कर हटा लिया है। इससे इस क्षेत्र के भूखंडधारक किसानों को अपने जमीन का अधिकार दोबारा वापस मिल गया है। अब किसान लाभ में पहले जा चुकी जमीन के वापस मिलने से उसे दोबारा बेचने, नाम बदलवाने, हस्तांतरित करने, विभाजन करने आदि कामों का अधिकार लौटाने का दिलासा मिला है।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.