
गोंदिया। शहर में नशे के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार रंग ला रही है। इसी कड़ी में “म्याऊं-म्याऊं” यानी मेफेड्रोन (एमडी ड्रग्स ) के काले कारोबार पर एक और करारा प्रहार हुआ है। यह वही खतरनाक नशा है जो चुपचाप युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में ले रहा है और समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
सुंदर नगर में ड्रग्स तस्करी बेनकाब
शहर थाना क्षेत्र के श्रीनगर इलाके अंतर्गत सुंदरनगर बस्ती में स्थानीय अपराध शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बिक्री के इरादे से घूम रहा है। पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के निर्देश पर, लोकल क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक पुरुषोत्तम अहेरकर के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। टीम ने सुंदरनगर इलाके में दबिश देते हुए आरोपी तौसिफ उर्फ पिरू मुस्ताक शेख (24 , निवासी सुंदरनगर गोंदिया ) को उसके घर के सामने सड़क पर पंच-गवाहों की मौजूदगी में हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान दो पारदर्शी जिप पाउच में रखी 7.310 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद की गई इस पाउडर नुमा ड्रग्स का रंग हल्का पीला था , जब्त नशीले पदार्थ की बाजार कीमत करीब 1,46,200 रूपए आंकी गई है।पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह यह ड्रग्स बिक्री के उद्देश्य से लेकर आया था।इस मामले में गोंदिया शहर थाने में सहायक पुलिस निरीक्षक धीरज राजूरकर की शिकायत पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 22(ब) के तहत अपराध दर्ज करने किया गया है।
दिसंबर 2025 की कड़ी से खुला नेटवर्क
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में रामनगर पुलिस ने नागपुर से गोंदिया आए एक ड्रग्स सप्लायर को पकड़ा था, जिसके पास से 11 ग्राम मेफेड्रोन MD बरामद हुआ था। उसी पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर अब सुंदरनगर में यह ताजा कार्रवाई सामने आई है, जिससे ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं।
कोकीन से खतरनाक: युवाओं को जकड़ रहा
मेफेड्रोन, जिसे आम भाषा में “म्याऊं-म्याऊं” कहा जाता है, एक मनो-सक्रिय और अत्यंत खतरनाक नशीला पदार्थ है। इसका असर कोकीन और एम्फेटामिन जैसे नशों से मिलता-जुलता बताया जाता है। यह नशा तेजी से लत लगाता है ,मानसिक संतुलन बिगाड़ता है , अपराध और हिंसा को बढ़ावा देता है और युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल देता है पुलिस को आशंका है कि पकड़ा गया आरोपी तौसीफ उर्फ पिरू बड़े रैकेट का हिस्सा है । सप्लाई चैन, डीलर और नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
पुलिस का साफ कहना है- नशे का कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं को बर्बादी की ओर धकेलने वाले इस ज़हर के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी।
रवि आर्य








