
गोंदिया। जिला परिषद के मुख्य लेखा एवं वित्त विभाग में तैनात कनिष्ठ लिपिक संदेश चंद्रशेखर सांबरे (उम्र-35) को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग (ACB) ने 45 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।
मामला कुछ यूं है कि…
शिकायतकर्ता (58 वर्ष) आगामी 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। नियमानुसार उनकी पेंशन फाइल मुख्य लेखा एवं वित्त कार्यालय भेजी गई थी।
जब 07 मई को वे अपने काम की जानकारी लेने पहुंचे, तो आरोपी ‘ बाबू ‘ संदेश सांबरे ने सेवा पुस्तिका जांचने के बाद उन्हें यह कहकर डराया दिया कि तुम्हारे वेतन निर्धारण ( पे-फिक्सेशन ) में त्रुटि है, आप पर 1.92 लाख रुपये की रिकवरी निकलेगी।
लेकिन साथ ही एक ‘ऑफर’ भी दिया अगर इस रिकवरी से बचना है और पेंशन फाइल जल्दी क्लियर करानी है, तो 50 हजार रुपये लगेंगे , ऐसी डिमांड कर डाली।
पे- फिक्सेशन में गलती बताकर , रिकवरी का मायाजाल बुना
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, इसलिए उन्होंने 11 मई को सीधे एसीबी गोंदिया कार्यालय का दरवाजा खटखटाया जिसपर भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग हरकत में आया , पंचों के मौजूदगी में शिकायत का सत्यापन किया गया जांच के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई और तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया।
फिर 50 हजार की डिमांड पर सौदेबाजी हुई और मामला 45 हजार रुपये पर तय हुआ।
जैसे ही सोमवार 11 मई को आरोपी संदेश सांबरे ने 45 हजार रुपये की रकम हाथ में ली, ताक में बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया।
Z.P में हड़कंप, आरोपी के घर की भी तलाशी शुरू
कार्रवाई के दौरान न केवल रिश्वत की रकम बरामद हुई, बल्कि रसूखदार आरोपी बाबू के पास से 70 हजार रुपये कीमत का आईफोन मोबाइल भी जब्त किया गया है।
वर्तमान में आरोपी के घर की सघन तलाशी ली जा रही है, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
बहरहाल गोंदिया ग्रामीण पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह सफल कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक उमाकांत उगले व उनकी पूरी टीम द्वारा की गई।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई आपसे सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो चुप न रहें। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं , शिकायतकर्ता की जानकारी गुप्त रखी जाएगी।
रवि आर्य








