Published On : Sun, Mar 8th, 2020

गोंदियाः बिना सरकारी मदद, श्रमदान से बन रहा है बाघ नदी पर पुल

भजेपार-धानोली २० किलोमीटर का सफर अब ३ किलोमीटर में तय होगा

गोंदिया। गांव की गर्भवती बहू को इलाज के अभाव में तड़पता देख तथा बच्चों को ग्राम भजेपार से धानोली स्टेशन पहुंचने के लिए सालेकसा से होकर २० किमी लंबा चक्कर लगाकर स्कूल जाता देख ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा लिहाजा उन्होंने अफसर, जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद से बाघ नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए गुहार लगायी लेकिन पुल के लिए कोई सुनने वाला न था और गत अनेक वर्षों सेे सिर्फ आश्‍वासन ही मिलता रहा।

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निराशा के इस दौर में फिर भजेपार और धानोली के ग्रामीणों ने श्रमदान से आज रविवार ८ मार्च को कुछ एैसा कर दिखाया जो मिसाल बन गया।

दोनों गांव के हर घर से मिला, पुल निर्माण हेतु चंदा

कहावत है.. जहां चाह हो, वहां राह अपने आप निकल आती है। पिछले २ साल से पुल बनाने की योजना पर प्रयास जारी थे।

१ माह पूर्व दोनों गांव के हर घर से बाघ नदी पर पुल निर्माण हेतु चंदा एकत्र करना शुरू किया गया, सभी ने यथाशक्ति भरपूर आर्थिक सहयोग दिया। राशि इक्कठी होने पर ३ फीट गोलाकर के २० फीट लंबे १२ बड़े लोह सीमेंट पाइप खरीद कर रखे गए।

भजेपार सेतु ’ नामकरण के साथ बाघनदी पर पुल का निर्माण कार्य जारी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ८ मार्च का दिन मुहूर्त के लिए चुना गया, आज रविवार सुबह १० बजे भजेपार और धानोली के सैकड़ों महिला-पुरूष बाघ नदी तट पर पहुंचे, जिस किसान के पास खेती सिंचाई हेतु ट्रैक्टर उपलब्ध है वह अपना ट्रैक्टर लेकर श्रमदान करने पहुंच गया, एक संपन्न किसान ने जेसीबी का इंतजाम किया, मशीन की मदद से २० फीट लंबे खरीदकर रखे गए वजनदार पाइप बाघ नदी के पानी में उतारे गए। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने वानर सेना की तरह बोल्डर पत्थर उठाकर नदी में फेंकने शुरू कर दिए, बाद में ट्रैक्टर की मदद से उस स्थान पर मिट्टी उतारी गई। गजब के उत्साह के साथ ग्रामीणों ने श्रमदान से कुछ एैसा कर दिखाया जो मिसाल बन गया।

ग्रामीणों ने बताया, अभी तो मिट्टी डाले है, इसके दबने तथा सेट होते ही ऊपर से सीमेंट कांक्रीट किया जाएगा। सड़क मार्ग से पहले भजेपार से धानोली स्टेशन पहुंचने पर २० किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता था, अब यह रास्ता डायरेक्ट ३ किलोमीटर में तय किया जाएगा जिससे ना सिर्फ समय और ईंधन की बचत होगी बल्कि दोनों गांव के लोगों को समय पर उचित उपचार की सुविधा और बच्चों को बेहतर शिक्षा भी नसीब होगी।

रवि आर्य

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