Published On : Mon, Nov 29th, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया: विधायक का दावा , हमारे हाथ होगी सत्ता की ‘चाबी’

घर वापसी का सीज़न चल रहा है , विनोद अग्रवाल की घर वापसी कब होगी ? इस सवाल पर क्या बोले विधायक ?


गोंदिया। खुद को जनता का आमदार कहने वाले निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल ने गोंदिया विधानसभा क्षेत्र में अपने 2 साल के कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों का ब्यौरा पत्र परिषद में रखते कहा -उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ शहर के विकास को भी तवज्जो दी है तथा 173 करोड़ की राशि , विभिन्न विकास कार्यों हेतु मंजूर कराई है। 552 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि सेंट्रल से भी मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से हमें क्षेत्र में सड़क निर्माण हेतु प्राप्त हुई है।

इस निधि से गोंदिया- आमगांव सीमेंट रास्ता , गोंदिया- तिरोड़ा सीमेंट रास्ता , बालाघाट टी प्वाइंट चौराहे से मध्य प्रदेश राज्य की सीमा तक सड़क डामरीकरण और गोंदिया पूर्व बाईपास का डामरीकरण होगा तथा इन कामों के टेंडर, वर्क आर्डर हो चुके हैं ।नगरोत्थान योजना के माध्यम से 50 करोड़ के शहरी सड़कों का प्रपोजल हमने शासन को दिया है , रेलवे अंडर ग्राउंड सड़क का भी एस्टीमेट तैयार करके उसे इस योजना में शामिल करेंगे।

मातोश्री सेतु रास्ते बांधकाम योजना के माध्यम से भी विकास कार्य होंगे। ग्राम तांडा, कोचेवाही और सावरी इन 3 जगहों पर 25- 25 लाख की निधि से धान गोदाम बन रहे हैं ऐसे और 20 धान गोदाम , ग्राम पंचायतों से जमीन लेकर ग्रामीण क्षेत्रो में बनाए जाएंगे। शहर के जर्जर हो चुके पुराने उड़ान पुल को तोड़ने का टेंडर निकाला जा रहा है यहां 80 से 90 करोड़ की लागत से नया उड़ान पुल बनेगा। जल जीवन मिशन के तहत सभी को स्वच्छ पेयजल मिले यह हमारे प्रयास है इसके लिए वैनगंगा से अलग से लिफ्ट करके पानी शहर में लाने के प्रयास भी शुरू किए गए हैं।


क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र ( पीएचसी) में एंबुलेंस लाने का काम हमने किया है। गोंदिया मेडिकल कॉलेज इमारत का टीपीआर बनाने की प्रक्रिया जारी की है पहले 100 मेडिकल विद्यार्थी की क्षमता थी अभी 150 विद्यार्थी क्षमता हो गई है उस हिसाब से बेड बढ़ाना चाहिए इसलिए हमने 500 बेड को 700 बिस्तर का मेडिकल हॉस्पिटल करवाया है।

आयोजित पत्र परिषद दौरान नागपुर टुडे ने विधायक विनोद अग्रवाल से कई सवालों पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाहिए , पूछे गए सवालों का उन्होंने बड़े ही बेबाकी भरे अंदाज में जवाब दिया।

नागपुर टुडे: आपने जैसे कहा कि- जनता की पार्टी हमने बनाई है , मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या जनता की पार्टी का रजिस्ट्रेशन हो चुका है ? क्या उसे सिंबॉल मिल चुका है ? और सिंबॉल मिला है तो कौन सा मिला है ? और क्या सभी प्रत्याशीयों को वहीं चुनाव चिन्ह आवंटित होगा यह कंपलसरी है ?

विनोद अग्रवाल: जनता की पार्टी का रजिस्ट्रेशन हो चुका है और यह प्रादेशिक पार्टी है और प्रादेशिक पार्टी को , वो जो चॉइस करेंगे मुक्त चुनाव चिन्ह में से ? वो एक समान चिन्ह सभी प्रत्याशियों को मिलेगा। गोंदिया तहसील अंतर्गत आने वाली जिला परिषद की 14 सीटें , पंचायत समिति के 28 सीटों सहित नगर परिषद की सभी सीटों पर पूरी ताकत से हम चुनाव लड़ने वाले हैं। जिला परिषद में जो आज का चित्र है बिना चाबी के कोई सत्ता बनने वाली नहीं है। अभी तक हमने किसी के साथ पैक (गठबंधन) नहीं किया है , जनता की पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।

नागपुर टुडे: अभी घर वापसी का सीज़न चल रहा है , हमने देखा अशोक गप्पू गुप्ता के बाद दिलीप बंसोड और अब विजय शिवनकर की घर वापसी हो चुकी है , विनोद अग्रवाल की घर वापसी कब होगी ? ऐसी कुछ संभावनाएं है या नहीं है ?

विनोद अग्रवाल: ऐसा कुछ रहेगा तो सबसे पहले आपको बताऊंगा ? देखो हमारी खुद की पार्टी है, जनता की पार्टी ? उसी के माध्यम से हम चुनाव में जा रहे हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव डिक्लेअर हो चुके हैं और मैं आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा करता हूं कि हमारे प्रत्याशी जनता की पार्टी (चाबी चिन्ह) से चुनाव लड़ेंगे।

नागपुर टुडे: पिछले तीन दशक से आप राजनीति में सक्रिय हैं और राजनीतिक तौर पर भी परिपक्व हो चुके हैं तथा दूरदृष्टि भी अच्छी है , आप अब जिला परिषद , पंचायत समिति तथा नगर परिषद के चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पानी कितना गहरा है , कौन सामने हैं ? कैसे-कैसे वोटों का ध्रुवीकरण होगा ,आपको सब पता है । और जैसा कि आपने कहा कि- सत्ता की चाबी हमारे हाथ में होगी। ऐसे में इन तीनों चुनावों में कितनी- कितनी सीटें आप मानकर चल रहे हैं कि आप (चाबी) जीतेंगे ?

विनोद अग्रवाल: देखो जो भी चुनाव लड़ता है वह कोई हारने के लिए चुनाव नहीं लड़ता ? जिला परिषद, पंचायत समिति या नगरपालिका के जो चुनाव होते हैं यह स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। सामने प्रतिद्वंदी उम्मीदवार कैसा खड़ा होता है उसका एक प्रभाव रहता है , उसके बाद में कौन-कौन से लोग उस इलाके (क्षेत्र) के उसके साथ हैं उसका झुकाव ही मायने रखता है, इसलिए यह सब बताना इस वक्त कठिन है कि कैसा चुनाव निर्णय आएगा ? लेकिन मैं आपको एक बात निश्चित तौर पर अपने अनुभव के आधार पर बता रहा हूं कि सत्ता की चाबी हमारे हाथ में होगी और हम फायदे में रहेंगे।

नागपुर टुडे: जिला परिषद- पंचायत समिति के चुनाव को आप बेहतर मानते हैं या नगर परिषद के चुनाव पहले लगते हैं तो ज्यादा बेहतर होता ? ओर जिला परिषद में अगर कलाई खुल गई तो नगर परिषद चुनाव परिणामों पर इसका असर पड़ेगा , क्या आप ऐसा मानते हैं ?

विनोद अग्रवाल: नहीं हमारे लिए तो दोनों चुनाव बेहतर है कोई भी पहले लगते तो कोई फर्क नहीं था ? ओर कलाई खुलने का कोई विषय नहीं है ? हमने कभी हार- जीत की परवाह नहीं की अपने जीवन में। हमारा काम है लोगों की सेवा करना, फल देना- न देना यह निर्णय जनता का काम है। इसलिए हारना- जीतना, कलाई खुलना या प्रतिष्ठा (जनाधार) बढ़ाने के लिए हम चुनाव नहीं लड़ते , हम जनता की सेवा करने के लिए चुनाव लड़ते हैं और जनता की सेवा ही हमारा ध्येय है।

नागपुर टुडे: नगर परिषद का खुद का डंपिंग यार्ड ना होने से शहर की जनता बहुत तकलीफ में है, घरों और वार्ड की गलियों से नियमित कचरा उठ नहीं रहा तथा प्रभाग में जगह-जगह कचरे के ढ़ेर दिखाई देते हैं। इस समस्या का तुरंत स्थाई हल क्या है ? जिससे शहर की जनता को धूएं, बदबू और प्रदूषण जैसी बीमारी से मुक्ति मिल जाए ? आज भी दूसरों की निजी जमीनों पर गड्ढे खोदकर उसमें मृत मवेशी डाले जा रहे हैं तथा गणेशनगर वासियों के मन में आज भी यह संशय बरकरार है कि वापस कचरा मोक्षधाम डंपिंग यार्ड पर आएगा ?

विनोद अग्रवाल: शहर में कचरा निस्तारीकरण एक बड़ा प्रश्न है तथा अब तक डंपिंग यार्ड नहीं है तदहेतु मैंने नया डीपीआर में नगर परिषद को जगह चिन्हित करने को कहा है और बॉयो माइनिंग के लिए हमने 5 करोड़ 87 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा है जो जनवरी महीने में लगभग मंजूर होगा ऐसा विश्वास है। साथ ही मौजूदा घनकचरा व्यवस्थापन हेतु 2 करोड़ 42 लाख का प्रस्ताव नगर परिषद ने मुझे दिया है जो हमने शासन को जल्द मंजूरी हेतु सादर किया है। इस समस्या के स्थाई समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और उसके लिए हम लोग प्रयासरत हैं।

आयोजक पत्र परिषद में पूर्व नगराध्यक्ष कशिश जायसवाल, उपाध्यक्ष शिव शर्मा , नगरसेवक घनश्याम पानतवने , दीपक बोबड़े , अमित बिरिया, अनिल हुंदानी , हर्षपाल रंगारी सहित चाबी संगठन के ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

रवि आर्य