Published On : Thu, Jul 4th, 2019

गोंदियाः दिलेर बालक सुरक्षित घर लौटा

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अपहरणकर्ताओं ने बालक को बोरे में डाला और उसे जंगल में फेंक कर फरार हो गए

गोंदिया। सड़क अर्जुनी तहसील के घटेगांव की जि.प. प्राथमिक शाला में कक्षा दूसरी में अध्ययनरत रौनक गोपाल वैद्य नामक 7 वर्षीय अपहर्णित बालक के आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित लौट कर आने के बाद उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है।

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उल्लेखनीय है कि, बुधवार 3 जुलाई को स्कूल के मध्यान अवकाश के वक्त अपने सहपाठियों के साथ खेल रहे बालक को मोपेड पर सवार दो युवकों ने हाथ से इशारा कर अपने पास बुलाया और चल तेरे पिताजी तुझे खेत में बुला रहे है यह कहते हुए उठाकर, मोपेड पर बिठाया और अगवा कर ले गए।

अब बालक से हुई प्रारंभिक पूछताछ में जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक स्कूल से मोपेड पर बिठाकर कुछ दूरी पर ले जाकर बच्चे का चेहरा अपहरणकर्ताओं ने गमछे से ढक दिया और उसे अपने साथ अगवा कर पड़ोस के गांव में ले गए जहां अपहरणकर्ता, बच्चे के साथ रात के वक्त एक मकान में रूके और वहां उन्होंने बच्चे को भोजन कराकर उसे सुला दिया तथा सुबह फिर उठाकर बच्चे को मोपेड पर बिठाकर अपने साथ देवरी थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम शेंडा और पुतली के बीच स्थित जंगल की ओर ले गए। इसी बीच आरोपियों को यह भनक लग गई कि, पुलिस उनका पीछा कर रही है तथा वे ज्यादा दूर तक भाग नहीं सकेंगे, सो पकड़े जाने के डर से दोनों अपहरणकर्ताओं ने बालक को बोरे (बारदाने) में डाला और उसे जंगल में फेंककर फरार हो गए।

जैसे -तैसे बोरे से बाहर आकर जंगल का कुछ रास्ता तय कर बच्चा सड़क पर आया और पास से गुजर रहे बाइक चालक राहगीर को गृहग्राम घटेगांव छोड़ देने का निवेदन किया जिसपर राहगीर ने पूछा तुम घर से यहां 25 किमी दूर कैसे पहुंचे? इस पर बालक ने बताया मुझे चोर उठा कर ले गए थे और जंगल में छोड़कर चले गए। राहगीर व्यक्ति बालक को लेकर पुतली गांव आया तथा ग्राम सरपंच को जानकारी दी। सरपंच बाई ने फोन लगा कर पुलिस को सूचना दी।

चप्पा-चप्पा शान रही थी पुलिस

गौरतलब है कि, बालक के अपहरण की घटना के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होते ही पुलिस महकमा हरकत में आ गया था तथा जिला पुलिस अधीक्षक विनीता साहू ने देवरी उपमुख्यालय में डेरा डाला और इस केस की वह खुद मॉनिटरिंग कर रही थी।

पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में फरार आरोपियों की खोजबीन हेतु अप्पर पुलिस अधीक्षक संदीप आटोले, देवरी उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रशांत ढोल, स्थानिक अपराध शाखा पुलिस निरीक्षक दिनकर ठोसरे, सहायक पुलिस निरीक्षक बघेले, अतुलकर, किशोर पवर्ते, देवरी थाना प्रभारी पवार और एलसीबी पुलिस की पूरी टीम ने बालक को खोजने हेतु विशेष अभियान चलाया तथा गोंदिया-भंडारा जिले में जगह-जगह नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी ली गई। होटल, ढाबे, लॉज, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड सब खंगाले गए।

संभवत इस बात की सूचना आरोपियों को मिलने पर वे यह समझ चुके थे कि, पुलिस कभी भी उन्हें दबोच सकती है ? लिहाजा वे बच्चे को जंगल में ही छोड़कर फरार हो गए।

बच्चा सलामत लौटा, पुलिस ने ली राहत की सांस

ग्राम पुतली की महिला सरपंच की सूचना पर पुलिस टीम गांव में दाखिल हुई, पुलिस ने बालक की उसके पिता से बात करवायी।
पुलिस की मानें तो बच्चा मानसिक रूप से तंदुरूस्त है तथा पुलिस अधीक्षक मैडम ने खुद प्यार दुलार दे कर बच्चे को साहस बनाते हुए उसका बयान रिकार्ड कर लिया है तथा फरार आरोपियों की खोज में शिद्दत से पुलिस जुटी है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार इस प्रकरण में फिर्यादी गोपाल वैद्य को शादी के 12 वर्षों के बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। रौनक माता-पिता का बेहद लाडला है , उनका लाडला बेटा अब सुरक्षित लौट आने से परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं है तथा उन्होंने 24 घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित उनकी गोद में लाने के लिए पुलिस अधीक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया है।

..Ravi Arya

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