Published On : Sun, Nov 21st, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया: नकल के लिए अकल नहीं हाईटेक ब्लूटूथ चाहिए ?

भावी शिक्षिका कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर पर्चा छुड़ाने का प्रयत्न करते पकड़ी गई ‌

गोंदिया। महाराष्ट्र शिक्षा परिषद की ओर से ली जाने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी ( MAHA TET ) इस परीक्षा को जो परीक्षार्थी पास करते हैं वहीं सरकारी स्कूलों में नौकरी या पढ़ाने के लिए योग्यता हासिल करते हैं और फिर यही परीक्षार्थी बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं , इसलिए शिक्षक के रूप में नियुक्ति हेतु पात्र होने के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है।

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लेकिन पात्रता हासिल करने के लिए मुन्ना भाई स्टाइल में कॉपी (नकल ) किए जाने का मामला उजागर होने के बाद अब सिस्टम पर ही सवाल उठा गए है।

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परीक्षा के लिए तमाम इंतजामों के बावजूद गोंदिया में नकल गिरोह सक्रिय है और उसने नकल का एक अनोखा ऐसा तरीका खोज निकाला , जिसे देख अब सभी दंग हैं।

गोंदिया शहर के रिंग रोड स्थित कुड़वा नाका चौक से सटे संत तुकाराम हाई स्कूल के सेंटर पर रविवार 21 नवंबर के सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक टीईटी की परीक्षा शुरू हुई ।

इस सेंटर पर 144 में से 121 परीक्षार्थी ने परीक्षा में हिस्सा लिया।
इस सेंटर के रूम नंबर 5 मैं परीक्षा देने वाली कैंडिडेट (भावी शिक्षिका ) के कान में ब्लूटूथ हेडन डिवाइस फिट था और पूरे परीक्षा के दौरान परीक्षा हॉल में गुनगुन गुनगुन की हल्की आवाज पर्चा छुड़ाने के दौरान परीक्षार्थियों ने सुनी तो उन्हें शक हुआ और जब पेपर सबमिशन का वक्त आया उस टाइम कुछ विद्यार्थियों ने पर्चा छुड़ाने बैठी छात्रा (भावी शिक्षिका )के पास ब्लूटूथ डिवाइस देखा तो उन्होंने यह कहते हंगामा खड़ा कर दिया कि नकलची छात्रा सस्पेंड होनी चाहिए और टीईटी परीक्षा के पुरी प्रोसेस से बाहर होनी चाहिए ?

यदि परीक्षा हॉल में बैठे परीक्षार्थियों को भनक ना लगी होती तो नकलची छात्रा का पकड़ा जाना असंभव था , स्कूल के स्टाफ ने ब्लूटूथ अलॉव कैसे किया ? यह ऑब्जेक्शन लेते हुए हंगामा करने वाले विद्यार्थियों ने स्कूल पर भी एक्शन होनी चाहिए तथा सिम और हाइटेक ब्लूटूथ डिवाइस जब्त कर जांच के लिए भेजा जाए यह मांग कर डाली।
जिस पर पकड़ी गई छात्रा अपनी दलील में यही कहती सुनी गई कि उसका ब्लूटूथ ऑफ था तथा मुख्याध्यापक यही कहते रहे कि परीक्षार्थियों का मोबाइल बाहर रखा गया था।

वही परीक्षा निरीक्षक यही कहते रहे कि छात्र के सिर के बाल खुले और घने है जिस पर उन्हें ब्लूटूथ डिवाइस दिखाई नहीं दिया।
सेंटर पर हंगामा बढ़ता देख स्कूल के कंडक्टर ने छात्रा से पूछताछ करते हुए उससे हमी पत्र (सहमति पत्र ) लिखा कर ले लिया कि कार्रवाई होने पर मैं जवाबदार रहूंगी।

अब सवाल यह उठता है कि इस नकल गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है ? छात्रा को सेंटर के बाहर से कौन नकल करा रहा था उसे भी पकड़ने का प्रयास करना चाहिए ।

क्या पेपर पास कराने के लिए कोई कोचिंग सेंटर भी विद्यार्थियों की मदद करते हैं ?

जब परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाने के निर्देश दिए जाते हैं तो इस परीक्षा केंद्र पर जैमर लगा क्यों नहीं था ?

नियमों के अनुसार मास्क बाहर रखे जाने चाहिए, तथा सेंटर पर फ्रेश मास्क उपलब्ध करावाया जाना चाहिए ताकि अनुचित इलेक्ट्रॉनिक साधनों का कोई दुरुपयोग ना करें।

टीईटी परीक्षा के आयोजित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए , नकल ना हो हेतु पुलिस को निगरानी अब बढ़ानी होगी।

एग्जाम इक्विपमेंट्स के नाम से कंपनियां ऑनलाइन हेडन ब्लूटूथ बेच रही

ऑनलाइन बाजार में कई कंपनियों ने विशेष तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस लॉन्च की हुई है और इसी प्रकार घड़ी , शर्ट , चश्मे वाली ब्लूटूथ डिवाइस के रूप में भी गैजेट्स 8 से 12 हजार रुपए में ऑनलाइन बाजार में उपलब्ध है।

कान के भीतर लगाई गई हाईटेक ब्लूटूथ डिवाइस में कॉल रिसीविंग का कोई झंझट नहीं होता है इसमें पहले से ही ऑटो कॉल रिसीव फंक्शन काम कर रहा होता है इस डिवाइस में माइक्रोफोन इतना सैल्सेटे होता है कि आवाज को स्पष्ट रूप से बाहर भेजा जा सकता है और एग्जाम इक्विपमेंट्स के नाम से हेडन ब्लूटूथ ऑनलाइन बाजार में जा रही है।

रवि आर्य

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