गोंदिया। महाराष्ट्र एमपी छत्तीसगढ़ स्पेशल ऑपरेशन यूनिट के सामने आज इतिहास लिखा गया ।गोंदिया पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार 28 नवंबर रात 9:30 बजे 11 नक्सलियों ने गणवेश, हथियारों का ढेर , AK-47 गन और मैगजीन , SLR- इंसास राइफल , गोले और गोलियों के साथ डीआईजी अंकित गोयल तथा जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के सामने सरेंडर कर दिया।
जो तस्वीरें सामने आई वह सिर्फ आत्म समर्पण नहीं यह नक्सली नेटवर्क की जमीनी हार का सबूत है। 89 लाख के इनामी चेहरों की कतार एक साथ , एक मंच पर सरेंडर करते दिखाई दिए।
कोम्बिंग ऑपरेशन , हिड़मा के खत्म होने से नक्सल नेटवर्क ध्वस्त
महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गोंदिया जिले के जंगलों में लगातार चल रहे कोम्बिंग ऑपरेशन , फोर्स की तगड़ी पकड़ , खूंखार हिड़मा के खत्म होने से कट्टर माओवादी इकाइयों ( दलम ) का बिखरना शुरू हो गया है।
जंगल में सक्रिय नक्सलियों को खुली चेतावनी देते हुए पुलिस ने आव्हान किया है कि हथियार डालो- मुख्य धारा में लौट आओ.. नहीं तो गोली खाओ ?
इसी चेतावनी का असर है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर और सरकार की पुनर्वास योजना पर भरोसा करते हुए नक्सली विकास के रास्ते पर निकल पड़े है।
बता दें कि पिछले 5 वर्षों में गोंदिया जिले में 37 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। लेकिन ऐसा इतिहास में पहली बार दिखा जब 11 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया हो।
सरेंडर से जंगल हिल गया , कौन है ये 11 नक्सली ?
AK-47 के साए में सरेंडर करने वाले इन 11 नक्सलियों पर 89 लाख रुपए का इनाम घोषित था। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी ) के स्पेशल ऑपरेशन टीम के कुख्यात नक्सली अनंत उर्फ विकास उर्फ नवज्योत नागपुरे उर्फ विनोद भास्कर रामस्वामी (40 , निवासी मुंबई वर्ली व तेलंगाना ) सहित जिन 11 माओवादियों ने हथियार डाले उनमें नागसु उर्फ गोलू उर्फ पांडू पुसु वड्डे ( उम्र 35 , पद DVCM , कांकेर बस्तर ) , रानो उर्फ रम्मी उर्फ रामे येशु नरोटे ( उम्र 30 , पद DVCM ,पेठा एटापल्ली ) , संतु उर्फ तिजाऊराम धरमसाय पारेटी ( 35 , पद-ACM राजनंदगांव छ.ग) , संगीता उर्फ सेवंती रायसिंग पंधरे ( 32 , पद-ACM बालाघाट म. प्र ), प्रताप उर्फ समर उर्फ काशीराम राजय्य बन्तुला (62 , पद-ACM जगतीयाल, तेलंगाना ) , अनुजा उर्फ नक्के सुकलू कारा (55 ,पद ACM , बस्तर छ.ग ), पूजा उर्फ जुगनी उर्फ सन्नु मुडियम (27 , दलम सदस्य,बिजापुर छ.ग ) , दिनेश उर्फ सादू पूलाई सोटी (30, दलम सदस्य , सुकमा छ.ग ), रामको उर्फ शिला चमरू मडावी (40 , दलम सदस्य धानोरा, गढ़चिरोली ), अर्जुन उर्फ रितु भिमा दोड्डी (20 , दलम सदस्य बिजापुर छ.ग ) का समावेश है इन सभी पर महाराष्ट्र सरकार ने कुल 89 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
हिंसा वाली जिंदगी का डर और पुनर्वास योजना पर भरोसा
सुरक्षा एजेंसियां मान रही है हाल के महीनों में जंगलों में लगातार कोम्बिंग ऑपरेशन, दबिश और खूंखार हिड़मा के मारे जाने के बाद कमांडर लाइन टूटने से नक्सलियों में गहरी दहशत फैल चुकी है , गोंदिया जिले में सक्रिय 6 दलमों की कमर अब लगभग टूट चुकी है जिसका परिणाम है कि वे हिंसा छोड़कर मुख्य धारा में लौट रहे हैं।
जिन नक्सलियों के हाथ अभी भी हथियार हैं, उनसे पुलिस ने अपील करते कहा- हिंसा छोड़ें, मुख्यधारा से जुड़ें… पुनर्वास और सुरक्षा की पूरी गारंटी है।
रवि आर्य












