
गोंदिया | गोंदिया जिले में 10 अप्रैल शुक्रवार का दिन ‘ब्लैक फ्राइडे’ साबित हुआ। आदमखोर तेंदुए ने ऐसा खूनी खेल खेला कि पूरा इलाका थर्रा उठा है। आंगन से मासूम को मौत खींच ले गई और वन विभाग की चेतावनी धरी की धरी रह गई अब आसपास के गांवों में दहशत का सन्नाटा पसरा है।
आंगन में खेल रहे मासूम को उठा ले गया ‘तेदुंआ ‘
शुक्रवार का सूरज ढलते ही मौत का ऐसा तांडव शुरू हुआ कि पूरा इलाका दहशत में है। अर्जुनी मोरगांव तहसील के आदर्श धाबेटेकड़ी गांव में रात के करीब 8:30 बजे थे। 6 वर्षीय प्रज्वल गोवर्धन मेश्राम अपने घर के बाहर बेफिक्र होकर आंगन में खेल रहा था , उसे अहसास भी नहीं था कि अंधेरे में दो चमकदार आंखें उसे अपना निशाना बनाने के लिए घूर चुकी हैं। झाड़ियों में घात लगाए बैठा तेंदुआ बिजली की रफ्तार से झपटा और प्रज्वल की गर्दन दबोच ली जब तक घरवाले बाहर आते, तेंदुआ प्रज्वल को घसीटते हुए घने जंगल की ओर ले जा रहा था।
ग्रामीणों के शोर मचाने और पीछा करने पर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर तो भाग गया, लेकिन तब तक प्रज्वल लहूलुहान हो चुका था, अस्पताल ले जाने से पहले ही उस मासूम की सांसें थम गईं। बताया जा रहा है कि इलाके में तेंदुए के मौजूदगी की सूचना पहले ही दी जा चुकी थी लेकिन वन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, समय पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह हादसा हो गया ऐसे में बड़ा सवाल यही है आखिर जिम्मेदार कौन ?स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
दहशत के साए में ग्रामीण , कृषि कार्य ठप्प
महज़ कुछ ही देर में तेंदुए ने मासूम को बेरहमी से अपना शिकार बना लिया है । शुक्रवार का दिन इतिहास के काले अक्षरों में दर्ज हो गया है अब अभिभावक और बच्चे घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं , किसानों ने डर के मारे खेतों में जाना बंद कर दिया है नतीजतन कृषि व्यवसाय प्रभावित हुआ है , वन विभाग ने गश्त बढ़ाने का दावा तो किया है लेकिन क्या वह मासूम की जिंदगी को वापस ला पाएगा ? क्या अब जागेगा प्रशासन या फिर किसी और मासूम की बालि का इंतजार है।
रवि आर्य








