Published On : Fri, May 22nd, 2020

गोंदिया: शादियों के सीजन में लाकडाउन ने बैंड बाजा कारोबार की बजा दी बैंड

सैकड़ों कलाकारों पर पड़े खाने के लाले

गोंदिया: वैवाहिक जिंदगी को लेकर कई जोड़ों ने तरह-तरह के सपने संजोए थे किसी ने मेहंदी रस्म की खास तैयारी की थी तो किसी ने सिर पर सेहरा सजने की , लेकिन देशव्यापी तालाबंदी ने ऐसे जोड़ों की किस्मत पर ही ताला जड़ दिया। 24 मार्च से शुरू हुआ लाकडाउन अपने चौथे चरण में जा पहुंचा है और इसके जल्द खुलने के कोई आसार भी दिखाई नहीं देते।

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लॉक डाउन का अनुपालन कराने को लेकर जहां प्रशासन सख्त है वहीं सोशल डिस्टेंसिंग की चिंता को लेकर वे परिवार जिनके यहां शादी की तारीख पहले से तय थी , सात फेरे बाकी रह गए थे।

ऐसे परिवारों के वर-वधू पक्ष ने आपसी रजामंदी से फिलहाल शादियों को टाल दिया है तो कुछ ने शादियां परिवारिक सदस्यों के 20- 25 लोगों के उपस्थिति के बीच ही निपटा दी हैं। मांगलिक कार्यों के रद्द होने का सबसे बड़ा खामियाजा इन दिनों गोंदिया बैंड पार्टी लाइन के उन कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है जिनकी रोजी-रोटी बाजा बजा कर ही चलती थी।

खुशियों के ढोल बजाने वालों के चेहरे पर छाई उदासी
हमने गोंदिया के चांदनी चौक निकट स्थित बैंड पार्टी लाइन का दौरा किया तथा जगदीश बैंड एंड धुमाल पार्टी , पायल बैंड एंड धुमाल पार्टी , गुरु नानक बैंड पार्टी , भारत बैंड पार्टी , न्यू इंडिया बैंड पार्टी , साईंबाबा ब्रास बैंड पार्टी , शिव शंकर बैंड पार्टी, बल्लू धुमाल पार्टी , बजरंग पंजाबी ढोल , आर. एस. धुमाल पार्टी , इनका दर्द समझने की कोशिश की और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

जगदीश बैंड एंड धुमाल ग्रुप के संचालक कुणाल दीप ने बताया उनके यहां 80 से 85 कलाकार हैं तथा बैंड पार्टी लाइन में 10-12 दुकानें हैं जिनके पास 300 से अधिक कर्मचारी बाजा बजाने का काम करते हैं , इसके अलावा गोंदिया शहर , फतेहपुर , ढकनी , आमगांव इस 30 किलोमीटर के दायरे में भी लगभग 100 से अधिक बैंड पार्टी और बाजे वाले हैं जो हर बड़े गांव के हर टोले पर दिखाई देंगे।

सबका व्यवसाय बंद है दिक्कतें इतनी आ रही है कि आज तक इतनी लाइफ में हमने मुसीबत नहीं देखी ? दुकानें सिर्फ बाजों की सफाई लिए खोल कर बैठे हैं , कस्टमर तो बिल्कुल आना बंद हो चुके हैं ? सिर्फ फोन आते हैं सर , आपके यहां हमारी बुकिंग थी उसके एडवांस का कैसा करेंगे? किसी को अपने मांगलिक कार्यों के प्रोग्राम की डेट को आगे बढ़ाना है तो वह फोन करते हैं।

हम इस उम्मीद में खड़े हैं कि कब सरकार हमें आदेश दे तो सिर्फ डीजे गाड़ी से ताल पत्री हटाना है , बाजे तो उसपर टंगे ही हुए हैं और सीधा अपने काम पर दौड़ पड़ें ?

शासन 25 की जगह 10 बाजे वाले की अनुमति देगा, तो चलेगा?
हम बैंड वाले वैसे भी चिपककर बाजा नहीं बजाते एक- 2 मीटर की दूरी बनी रहती है। हमने गोंदिया कलेक्टर डॉ. कादंबरी बलकवड़े को दिए प्रतिवेदन में आश्वासन दिया है कि- सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखेंगे , 25 की जगह 10 बाजे वालों की अनुमति दे दो ? ऑर्डर से लौटते ही कर्मचारियों के ड्रेस को सैनिटाइज किया जाएगा और उनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी होगी ।

जो मुंह का स्टूमेंट बजाता है वह मास्क नहीं पहन सकता ?
हां बाकी के सारे कर्मचारी जो हाथ से वाद्य यंत्र बजाते हैं या फिर ढोल बजाते हैं उनके मुंह पर मास्क होगा और हाथों में दस्ताने भी और उनका मेडिकल फिटनेस भी चेक किया जाएगा तथा उसका सर्टिफिकेट भी जिस पार्टी के ऑर्डर पर जाएंगे उन्हें दिखाएंगे।

हमने जिलाधीश के नाम का एक ज्ञापन गोंदिया SDO वंदना सारंगपते मैडम को भी सौंपा है तथा क्षेत्र के सांसद सुनील मेंढ़े से भी 19 मई को प्रत्यक्ष भेंट कर उन्हें भी प्रतिवेदन सोंपा है । सांसद महोदय ने जल्द ही इस पर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गोंदिया – भंडारा कलेक्टर को लिखित पत्र भेजकर इस समस्या के जल्द निराकरण का आश्वासन हमें दिया है।

हमारी मांग है कि भुखमरी के संकट के दौर से गुजर रहे बाजे वाले (कलाकारों )के लिए शासन आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान करें।

रवि आर्य

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