Published On : Thu, May 20th, 2021

गोंदिया:केंद्र का किसानों को तोहफा , खाद सब्सिडी में 140 फ़ीसदी की बढ़ोतरी

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प्री-मानसून खेती के लिए अब राज्य सरकार 10 हजार रूपए नगद सब्सिडी की घोषणा करे- सांसद सुनील मेंढे

गोंदिया। किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध केंद्र सरकार ने DAP खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को प्रति बोरी 500 रूपए से बढ़ाकर 1200 रुपए कर दिया है , सरल शब्दों में कहें तो सब्सिडी में 140 फ़ीसदी की वृद्धि की है इससे किसानों को 2400 प्रति बोरी की जगह 1200 रूपए प्रति बोरी की किमत चुकानी होगी यानी उन्हें पुरानी दरों पर ही खाद मुहैया कराने का निर्णय केन्द्र सरकार ने लिया है ।

मोदी सरकार ने इसके लिए 14 हजार 775 करोड़ रूपये की उर्वरक सब्सिडी का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए देश के करोड़ों किसान परिवारों को राहत प्रदान की है, इसका श्रेय लेने की परवाह किए बिना राज्य सरकार को अब महाराष्ट्र के लाखों किसानों को उर्वरक (खाद) आसानी से उपलब्ध कराते हुए उन्हें खरीफ की खेती के लिए 10 हजार रूपये की तत्काल नकद सब्सिडी प्रदान करनी चाहिए एैसी मांग भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुनील मेंढे ने एक पत्रक द्वारा की है।

खाद के दाम बढ़ने पर बवाल मचाने वाले नेता अब मौन*

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गौरतलब है कि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया की बढ़ती कीमतों के कारण उर्वरकों की कीमतों में हुई भारी वृद्धि से देशभर के किसान प्रभावित होंगे इसे देखते हुए मोदी सरकार ने गत सप्ताह इस मुद्दे पर उपाय योजना हेतु कदम उठाने शुरू किए थे। यह ध्यान में आते ही कुछ तथाकथित नेताओं ने मूल्यवृद्धि को वापस लेने की मांग की, लेकिन पहले से ही हो चुके सब्सिडी देने के निर्णय से अब वे तथाकथित नेता श्रेय लूट की राजनीति से वंचित हो चुके है, इसलिए अब इन नेताओं को राज्य सरकार से पत्राचार करते हुए किसानों को प्री-मानसून खेती के लिए 10 हजार रूपये की सब्सिडी दिलाने तथा हर जरूरतमंद किसान को खाद वितरित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, एैसी बात भी सांसद सुनिल मेंढे ने कही है।

केंद्र सरकार ने खाद का बोझ उठाकर किसानों को दी राहत

जहां गत कुछ वर्षों से उर्वरकों की कीमतें लगातार बढ़ रही है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान किसानों को मूल्यवृद्धि से राहत देने के लिए कोई कड़े कदम नहीं उठाए गए थे। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी सरकार के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उर्वरकों पर सब्सिडी में 140 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर किसानों को राहत प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य सरकार को किसानों के लिए 10 हजार रूपये की नकद सब्सिडी की घोषणा करनी चाहिए।

प्रतिवर्ष कालाबाजारी, भंडारण और आर्थिक तंगी के कारण कई किसानों को राज्य में पर्याप्त खाद नहीं उपलब्ध हो पाती है। गत वर्ष भी खाद की कृत्रिम कमी से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी थी, इस वर्ष एैसी स्थिति निर्माण न हो इसके लिए उद्धव ठाकरे सरकार को उर्वरक वितरण की व्यवस्था को सुचारू करना चाहिए, एैसी मांग भी निवेदन में की गई है।

विशेष उल्लेखनीय है कि, गत सप्ताह केंद्र सरकार ने किसान सम्मायोजना के तहत देश के किसानों के खातों में 20 हजार 667 करोड़ रूपये जमा किए जिसका सबसे ज्यादा लाभ महाराष्ट्र के किसानों को मिला है और अब मोदी सरकार ने खाद की कीमतों में बढ़ोत्तरी का बोझ उठाकर किसानों का बोझ कम कर दिया है।

अब यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि, किसानों का आवश्यक मात्रा में उर्वरक समय पर मिले तथा राज्य में किसानों को खरीफ सीजन के दौरान कृषि कार्य के लिए 10 हजार रूपये का अनुदान तत्काल वितरित किया जाए। साथ ही किसानों को फसल ऋण के लिए बैंकों की ओर से कोई रूकावट ना हो और उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए तत्काल एक प्रणाली स्थापित की जाए एैसी मांग भी निवेदन के माध्यम से सांसद सुनील मेंढे ने राज्य सरकार ने की है।

रवि आर्य

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