
गोंदिया। जिले के आमगांव में आयोजित ‘ कथा ‘ कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में तिरोड़ा तहसील के एक परिवार के पाँच सदस्यों ने पुनः अपने पूर्व धर्म में “घर वापसी” की घोषणा की। कार्यक्रम मंच से परिवार के सदस्यों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, उन्हें दुपट्टा पहनाया गया तथा रामायण ग्रंथ भेंट किया गया।
परिवार ने बताया कि वर्ष 2006 में बीमारी के कारण उन्होंने धर्म परिवर्तन किया था, लेकिन लम्बे समय में स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर उन्होंने अब स्वेच्छा से पुनः अपने पूर्व हिंदू धर्म में लौटने का निर्णय लिया।
परिवार ने अपनी सांस्कृतिक पहचान अपनाने पर संतोष और भाव व्यक्त किया।
राम के साथ-साथ अब राष्ट्र कथा की आवश्यकता है – पं. धीरेंद्र शास्त्री
कथा के दौरान बागेश्वर महाराज ने धार्मिक-सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखे और श्रोताओं से आस्था एवं परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा- वे जान हथेली पर लेकर हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार को निकले हैं और जब तक जिएंगे , हिंदुओं के लिए जियेंगे ।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- हिंदू जाग जाएं और हिंदू एक हो जाएं इसलिए मैं कथा प्रवचन करने निकला हूं।
हमारी कथा चढ़ावे के लिए नहीं , सनातन के बढ़ावे के लिए है। आमगांव में राजा राम दरबार है ना उनके दर्शन करने आया हूं , और गोंदिया वाले जो बाला सरकार है ना जैसे बागेश्वर धाम की महिमा है वैसे ही गोंदिया के अद्भुत मंदिर की महिमा बहुत निराली है उनको कथा सुनाने आया हूं ।
राम के साथ-साथ अब राष्ट्र कथा की आवश्यकता है और कथा का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता और धार्मिक शिक्षा का प्रसार है।
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय प्रशासन और आयोजकों द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए।
रवि आर्य









