Published On : Sun, Jul 11th, 2021

गोंदिया: 96 गांव में बाढ़ का खतरा , जिलाधीश ने मानसून पूर्व तैयारियों का लिया जायज़ा

ग्रामीणों से साधा संवाद , समस्याओं से हुए रूबरू

गोंदिया। मानसून का मौसम शुरू हो चुका है और प्रतिवर्ष जिले के 96 गांवों में बाढ़ का खतरा रहता है लिहाजा जिलाधिकारी राजेश खवले ने 10 जुलाई शनिवार को गोंदिया तहसील के बिरसोला, भद्याटोला, कासा, पुजारीटोला, मरारटोला, ब्राम्हणटोला व काटी इन गांवों का दौरा करते हुए मानसून की पूर्व तैयारियों के संबंध में किए गए नियोजन व भौगोलिक स्थिति का निरीक्षण किया।

गत वर्ष अगस्त माह में गोंदिया और तिरोड़ा तहसील बाढ़ की चपेट में आए थे जिससे किसानों की फसलों, कच्चे मकानों तथा मवेशियों के तबेलों को भारी नुकसान पहुंचा था।

एैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और भौगोलिक परिस्थिति तथा बाढ़ के कारणों के साथ-साथ खोज और बचाव के लिए प्रशासन द्वारा किए गए उपायों की जानकारी उपस्थिति प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों से ली।

वैनगंगा और बाघनदी के किनारे बसे गांवों तथा निचले इलाकों के मकानों में बाढ़ के पानी से हुए नुकसान तथा समय पर शासन से तत्काल मदद देने के लिए नाव तथा जन शक्ति की पर्याप्त व्यवस्था के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद साधते हुए उनकी समस्याओं से अवगत हुए।

इस क्षेत्र में पुलों और सड़कों की ऊचाई कम होने के कारण बाढ़ के दौरान एक गांव- दूजे गांव से पुरी तरह कट जाता है तद्हेतु ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलों और सड़कों की ऊंचाई बढ़ाने का अनुरोध भी जिलाधिकारी से किया साथ ही ग्रामीणों ने गर्मी की फसलों के लिए क्षेत्र में पानी की आपूर्ति हेतु बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग भी की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ अपर तहसीलदार अनिल खडतकर, नायब तहसीलदार जी.पी. शिंगाडे, बाढ़ नियंत्रण अधिकारी रमेश मेश्राम, आपत्ती व्यवस्थापन अधिकारी राजन चौबे, रावणवाड़ी पुलिस निरीक्षक उमेश पाटिल, मंडल अधिकारी एन.बी. वर्मा , डी.एच. पोरचेट्टीवार, पटवारी जी.पी. सोनवाने, ए.एल. वालदे सहित बिरसोला सरपंच सरोजीनी दांदडे, उपसरपंच देवलाल जंभरे, पुलिस पाटिल दिलीप तुरकर, सरपंच कृष्णी मरठे, रमेश येसने, पिंटु बागड़े आदि नागरिक उपस्थित थे।

गोंदिया तहसील के ग्राम मरारटोला निवासी जमरे परिवार यह निचले इलाके में रहता है और प्रतिवर्ष बाढ़ की स्थिति में उनके घर पानी घुस जाता है, जिसके कारण इन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है।

जमरे परिवार संयुक्त परिवार के रूप में रह रहा है और परिवार के सदस्यों की संख्या 44 है।

इस परिवार की प्रमुख 85 वर्षीय वृद्धा श्रीमती कारीबाई रामचंद जमरे ने गत वर्ष बाढ़ की स्थिति को मात देकर परिवार व स्वंय का संरक्षण किया था लिहाजा जिलाधिकारी राजेश खवले की ओर से वृद्ध कारीबाई इनका पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया।

रवि आर्य