Published On : Fri, Jan 16th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया: पीएम कृषि योजना में घूसखोरी का भंडाफोड़ ,धराया उपकृषि अधिकारी

सरकारी अनुदान की रकम पर रिश्वत का खेल , किसान से 5 हज़ार लेते ACB ने रंगेहाथों दबोचा
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गोंदिया। केंद्र सरकार की योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत वसूली का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलने वाले 40 हजार रुपये के अनुदान के बदले एक उपकृषि अधिकारी ने किसान से 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी और आखिरकार एसीबी की कार्रवाई में वह रंगेहाथों पकड़ा गया।

मामला कुछ यूं है कि, 50 वर्षीय फिर्यादी के पास 5 एकड़ कृषि भूमि है और कृषि कार्य के लिए उनके पास ट्रैक्टर है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमके एस.वाय – व्यक्तिगत लाभार्थी योजना-2.0) के अंतर्गत ट्रैक्टर रोटावेटर हेतु केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें रोटावेटर पर 40,000 रुपये का अनुदान दिया जाना था।

अनुदान के नाम पर रिश्वत , किसान से 10 हजार की डिमांड

रोटावेटर की आवश्यकता होने के कारण फिर्यादी ने 17 जून 2025 को शिव एग्रो, गोंदिया से 1,05,000 रुपये मूल्य का रोटावेटर खरीदा था। तत्पश्चात फिर्यादी ने ग्राम पंचायत कार्यालय से योजना का फॉर्म लेकर उसे भरकर आवश्यक दस्तावेज तथा रोटावेटर की खरीद का जीएसटी बिल संलग्न कर तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय, सालेकसा में जमा किया।

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तब सालेकसा तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय में उपकृषि अधिकारी (वर्ग-3) पद पर कार्यरत आरोपी रमेश मारोतराव टाकरस (50) ने फिर्यादी से 40 हजार का अनुदान स्वीकृत कराने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। उस वक्त शिकायतकर्ता द्वारा पैसे न होने की बात कहने पर उपकृषि अधिकारी ने बिल मंजूर होने के बाद 10 हजार रुपये देने की बात कही।

12 दिसंबर 2025 को जब फिर्यादी ने अनुदान के बारे में उपकृषि अधिकारी से जानकारी ली तो उसने एक सप्ताह के भीतर राशि मंजूर होने पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेकर आने को कहा। तत्पश्चात 18 दिसंबर 2025 को अनुदान राशि शिकायतकर्ता के बैंक खाते में जमा हो गई। कुछ दिन बाद आरोपी ने तय अनुसार राशि देने की मांग फिर्यादी से की।

किसान की शिकायत रंग लाई

चूंकि रिश्वत देने की इच्छा न होने के कारण फिर्यादी ने 12 जनवरी को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग, गोंदिया में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने शिकायत की पुष्टि के लिए 12 जनवरी और 16 जनवरी को सत्यापन कार्रवाई की, जिसमें रिश्वत की मांग प्रमाणित हुई।

रिश्वतखोर अफसर सलाखों के पीछे

16 जनवरी को एसीबी टीम ने जाल बिछाकर 5 हजार रुपये में सौदा तय होने पर आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथों धर दबोचा। आरोपी की तलाशी में 6,080 रुपये नगद राशि भी मिली, जिसे मौके पर वापस कर दिया गया। साथ ही आरोपी का एक सैमसंग मोबाइल फोन जब्त किया गया है। आरोपी के घर की तलाशी की प्रक्रिया जारी है।
बहरहाल आरोपी को हिरासत में लिया गया है तथा इस संदर्भ में सालेकसा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
यह सफल ट्रैप कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती माधुरी बाविस्कर तथा विजय माहुलकर (एसीबी नागपुर) के मार्गदर्शन में एसीबी गोंदिया के पुलिस निरीक्षक उमाकांत उगले, अरविंद राऊत, संयुक्त फौजदार चंद्रकांत करपे, पो.ह. संजय बोहरे, मंगेश कहाड़कर, पोना संतोष शेंडे, संतोष बोपचे, प्रशांत सोनवाने, कैलाश काटकर, संगीता पटले, रोहिणी डांगे और दीपक बाटबर्वे द्वारा की गई।

रवि आर्य

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