Published On : Tue, Jun 9th, 2020

गोंदियाः ACB ने बिछाया जाल, शिक्षक से रिश्‍वत लेते र्क्लक गिरफ्तार

Advertisement

bribe

पेंशन का चेक देने के एवज में 10 हजार की रिश्‍वत स्वीकारी

गोंदिया: गोंदिया जिले में रिश्‍वतखोरी की जड़ें कितनी गहरी और मजबूत है, इसका उदाहरण आज मंगलवार 9 जून को दिखाई दिया। जो शिक्षक जिंदगी भर दूसरों को ज्ञान का पाठ पढ़ाकर सुसंस्कृत और शिक्षित करता रहा, उस शिक्षक को सेवानिवृत्ति की पेंशन राशि निकालने के लिए लेखा विभाग क्लर्क ने 10 हजार की मांग करते हुए चढ़ावा न चढ़ाने पर चेक नहीं बनेगा, यह दो टूक शब्दों मेंं कह दिया।

हैरानी तो इस बात की है कि, सरकारी व्यवस्था को दीमक की तरह खोखला बनाने वाले रिश्‍वतखोर लोकसेवकों को एंटी करप्शन ब्यूरो के शिंकजे का जरा भी खौफ नहीं? लेकिन भ्रष्टाचार का तंत्र कितना ही मजबूत क्यों ना हो, कार्रवाई से बच नहीं सकते?

एसीबी ने ऐसा जाल बिछाया कि, लेखा विभाग का क्लर्क गजभिये रंगेहाथों 10 हजार की रिश्‍वत स्वीकारते पकड़ा गया।

Advertisement

मामला कुछ यूं है कि.. शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक ने मार्च 2019 में अपने पेंशन भत्ते से संबंधी दस्तावेज पंचायत समिति सड़क अर्जुनी में प्रस्तुत किए थे।

तद्नुसार जब उसे पता चला कि, उसके सेवानिवृत्ति भत्ते और कोटे की राशि जिला परिषद गोंदिया द्वारा मंजूर की गई तो उसने मार्च 2020 में पंचायत समिति कार्यालय पहुंच लेखा विभाग के र्क्लक गजभिये से पूछताछ की, उस वक्त गजभिये ने शिकायतकर्ता से पेंशन भत्ते का धनादेश निकालकर देने के लिए 10 हजार रूपये रिश्‍वत की डिमांड कर दी। उसके बाद भी शिकायतकर्ता ने कई बार गजभिये से भेंट की लेकिन उन्हें चेक प्राप्त नहीं हुआ।

8 जून को सेवानिवृत्त शिक्षक पुनः सड़क अर्जुनी पं.स. के लेखा विभाग में पहुंचे और उनकी पेंशन के बकाया राशि के संदर्भ में पूछताछ की जिसपर लिपिक ने 10 हजार रूपये का भूगतान किए बिना उनका चेक जारी नहीं किया जाएगा, एैसा दो टूक कहते हुए शिकायतकर्ता से रिश्‍वत की मांग दोहरायी।

चढ़ावे की रकम देने की इच्छा न होने पर अर्जदार ने 8 जून को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग के गोंदिया दफ्तर पहुंच शिकायत दर्ज करा दी।
एसीबी टीम अधिकारियों ने जांच पश्‍चात जाल बिछाया और आज 9 जून को सफल कार्रवाई को अंजाम देते हुए सड़क अर्जुनी पं.स. के सहायक लेखा अधिकारी खेमलाल गजभिये इसे अपने ही दफ्तर में फिर्यादी सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक से 10 हजार रूपये स्वीकार करते हुए पंच गवाहों के समक्ष रंगेहाथों धरदबोचा।

इस प्रकरण के संदर्भ में अब घूसखोर के खिलाफ डुग्गीपार थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून 1988 (सुधारित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया गया है।

उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रश्मी नांदेडकर, अप्पर पुलिस अधीक्षक राजेश दुद्दलवार (एसीबी नागपुर) के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे, सउपनि. शिवशंकर तुंबडे, विजय खोब्रागड़े, पो.ह. प्रदीप तुलसकर, राजेश शेंद्रे, नापोसि रंजीत बिसेन, नितीन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, मनापोसि गीता खोब्रागड़े तथा चालक नापोसि देवानंद मारबते की ओर से की गई।

रवि आर्य

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.