Published On : Wed, Jul 17th, 2019

गोंदियाः एसीबी ने थाने में हवलदार को घूस लेते पकड़ा

Advertisement

लॉकअप में न डालने के लिए 4 हजार की रिश्‍वत मांगने वाला खुद लॉकअप में

गोंदिया। भ्रष्टाचारियों के लिए कर्दनकाल बन चुके एसीबी टीम ने आज बुधवार 17 जुलाई के शाम गोंदिया शहर थाना कोतवाली पर अपना जाल बिछाया तथा धारा 324 के केस में आरोपी रहे युवक को गिरफ्तार न करने तथा लॉकअप में न डालने की ऐवज में 4 हजार रूपये की रिश्‍वत स्वीकारते हुए सिटी थाना कोतवाली के पुलिस हवलदार हिरादास पिल्लारे (47) इन्हें रंगेहाथों धरदबोचा।

सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार वारदात 1 जुलाई के शाम 4 बजे छोटा गोंदिया के गोविंदपुर इलाके में मच्छी मार्केट के निकट घटित हुई थी।

3 युवक, हसन नामक व्यक्ति के साथ मारपीट कर रहे थे जिसपर वह जान बचाकर भागा, इसी दौरान तमाशा देखने हेतु खड़े पेशे से कंडेक्टर विजय नामक युवक को आरोपियों ने हसन का साथीदार समझकर उस पर लाठी-डंडों से प्रहार करने शुरू किए। हाथ, पैर, पीठ पर चोट आने से वह जख्मी हो गया तथा शहर थाना कोतवाली पहुंच उसने मारपीट करने वाले कव्वाली मैदान (संजयनगर) इलाके के निवासी 3 आरोपी युवकों के विरूद्ध अ.क्र. 291/19 की धारा 324, 34 का जुर्म दर्ज कराया। इस प्रकरण की तफ्तीश का जिम्मा पो.ह. हिरालाल पिल्लारे को सौंपा गया।

Advertisement

2 जुलाई को पिल्लारे ने इस केस के एक आरोपी युवक को थाने बुलाया और कहा- तुम्हारे खिलाफ मारपीट का जुर्म दर्ज है, इस केस में तुम्हें गिरफ्तार करना है, जिसपर उसने पिल्लारे से गिरफ्तार न करने की विनंती की तो पिल्लारे ने 5 हजार रूपये की डिमांड रख दी।

आरोपी युवक ने पैसे के इंतजाम के लिए मौहल्लत मांगी और वह घर आया तथा इस बात की जानकारी पेशे से मजदूर पिता को दी , जिसपर पिता ने 14 जुलाई को थाने आकर पिल्लारे से भेंट की तब पिल्लारे ने बेटे को लॉकअप में न डालने के लिए 5 हजार रूपये मांगे।

कायतकर्ता पिता चढ़ावे की रकम देने का इच्छुक नहीं था लिहाजा उसने 15 जुलाई को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग दफ्तर पहुंच मामले की जानकारी दी। एसीबी टीम ने पंच-गवाहों के साथ 17 जुलाई को जाल बिछाया और पुलिस स्टेशन गोंदिया शहर में शिकायतकर्ता से 4 हजार रूपये की रिश्‍वत स्वीकारते हुए पो.ह. हिरालाल सुखदेव पिल्लारे (ब.नं. 530) इसे गिरफ्तार कर लिया।

जिस थाने में पो.ह. पिल्लारे रिश्‍वत स्वीकार कर रहा था, उसी थाना स्टेशन डायरी में अब उसके खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम 1988 (सुधारित एक्ट 2018) के तहत जुर्म दर्ज हो चुका है तथा उसे उसी सिटी थाने की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।

उक्त कार्रवाई एसीबी नागपुर के पुलिस अधीक्षक रश्मी नांदेडकर तथा अप्पर पुलिस अधीक्षक राजेश दुद्दलवार के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे, पोनि शशिकांत पाटिल, पो.ना. रंजित बिसेन, दिगंबर जाधव, नितीन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, मपोसि गीता खोब्रागड़े, वंदना बिसेन, सिपाही चालक देवानंद मारबते ने की।

थाने में एसीबी की रेड और पुलिस हवलदार की गिरफ्तारी के बाद समूचे पुलिस महकमे में हडकंप मचा हुआ। सूत्रों की मानें तो नए नियमों के तहत पुलिस डिपार्टमेंट में अब घूसखोरी की सजा निलंबन नहीं, बल्कि बर्खास्तगी है। देखना दिलचस्प होगा, पिल्लारे पर क्या कार्रवाई होती है?

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.