
गोंदिया।ट्रेनों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी कोई नई बात नहीं है। लंबी दूरी की ट्रेनों में बैग और सामान के बीच छिपाकर नशे की खेप पहुंचाने की कोशिशें लगातार सामने आती रही हैं लेकिन 17 फरवरी की सुबह गोंदिया रेलवे स्टेशन पर एक भौंक ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। सुबह लगभग 11:20 बजे मादक पदार्थ खोजी श्वान ‘लुसी’ ने ट्रेन में छिपाए गए गांजे का पर्दाफाश कर दिया। प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के कोच में मिले लावारिस बैग से बड़े पैमाने पर नशे का जखीरा बरामद हुआ है।
” लुसी ” ने ट्रॉली बैग की गंध सूंघी और 5.17 लाख का गांजा बरामद
दरअसल, जिला पुलिस अधीक्षक गोंदिया गोरख भामरे के मार्गदर्शन में 17 फरवरी की सुबह श्वान पथक गोंदिया के अधिकारी पोउपनि सतीश सिरिया, श्वान हैंडलर उमेश मारवाडे, पुलिस सिपाही शिवणकर, येरणे और मादक पदार्थ खोजी श्वान ‘लुसी’ नियमित जांच के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे।
इसी दौरान आरपीएफ से मिली सूचना के आधार पर ट्रेन क्रमांक 18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस के कोच बी/1 में प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 पर लावारिस हालत में रखी मोरपंखी रंग की ट्रॉली बैग और एक काले रंग की कॉलेज बैग को जांच के लिए लिया गया।
आरपीएफ गोंदिया के पुलिस उपनिरीक्षक दीपक कुमार, सहायक उपनिरीक्षक ज्योतरबाला, प्रधान आरक्षक एम.के. चौबे एवं प्रधान आरक्षक सतीश इंगले की मौजूदगी में श्वान ‘लुसी’ को बैग की गंध सूंघाई गई। ‘लुसी’ ने तुरंत भौंकते हुए बैठकर बैग में मादक पदार्थ होने का संकेत दिया।
तलाशी लेने पर दोनों बैग से कुल 10.335 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 5 लाख 17 हजार 250 रुपये आंकी गई है।
इस मामले में रेलवे पुलिस थाना गोंदिया में अपराध क्रमांक 10/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 (ल), 20(इ)(खख)(इ) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच आरपीएफ द्वारा की जा रही है।
रवि आर्य









