Published On : Tue, May 14th, 2024

गोंदिया: टेंडर में 15% की रिश्वत , नगराध्यक्ष , मुख्य अधिकारी सहित 6 की गिरफ्तारी

सीवरेज नाली डालने के टेंडर को मंजूरी देने के लिए ठेकेदार से मांगी 1लाख 82 हजार की रिश्वत, ACB ने दबौचा
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गोंदिया। जिले के सड़क अर्जुनी तहसील के नगर पंचायत विभाग द्वारा आमंत्रित की जाने वाली निविदाओं की रिश्वत का रुपया मुख्य अधिकारी , नगराध्यक्ष , बांधकाम सभापति , नगरसेवक से लेकर बिचौलियों तक जाता है।

सीवरेज नाली डालने के टेंडर को मंजूरी देने के लिए 15 फ़ीसदी कमीशन की मांग संबंधित ठेकेदार से करने के आरोप में मुख्य अधिकारी , नगराध्यक्ष , बांधकाम सभापति व पार्षद , नगरसेविका के पति और दो बिचोलिए साथी दारों को एसीबी ने 1 लाख 82 हजार का रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है , भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कि इस बड़ी कार्रवाई से घूसखोरों में हड़कंप मचा हुआ है।

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मामला कुछ यूं है कि……

भंडारा जिले के लाखनी निवासी 56 वर्षीय शिकायतकर्ता का बेटा ठेकेदार है तथा उसे नगर पंचायत सड़क अर्जुनी के अंतर्गत विशेष कार्य की पूर्ति के लिए विशेष अनुदान सन 2023-24 लेखाशीर्ष (2217 1301) योजना के तहत 2 नालियों के बांधकाम हेतु ई-टेंडर स्वीकृत किए गए है तथा शिकायतकर्ता ने सुरक्षा राशि का भूगतान भी कर दिया है।

जब शिकायतकर्ता ने काम शुरू करने का आदेश पाने के लिए सड़क अर्जुनी नगर पंचायत के मुख्याधिकारी (अतिरिक्त कार्यभार) व नायब तहसीलदार शरद विठ्ठल हलमारे (56 रा. सेंदूरवाफा त. साकोली) तथा नगराध्यक्ष तेजराम किशन मड़ावी (66 रा. सड़क अर्जुनी) से भेंट की तो नगराध्यक्ष ने इसके एवज में निविदा रक्कम की 15 प्रतिशत रकम रिश्‍वत के तौर पर डिमांड की थी।

रिश्‍वत की मांग के सत्यापन के दौरान जब शिकायतकर्ता काम शुरू करने का आदेश प्राप्त करने के लिए मुख्याधिकारी से मिला तो उसने नगराध्यक्ष से मिलने की बात कहीं जिसपर शिकायतकर्ता ने नगराध्यक्ष से मुलाकात की तो तेजराम मडावी ने निविदा रकम कुल 12 लाख 15 हजार 634 रुपये पर 15 प्रतिशत कमीशन अर्थात 1 लाख 82 हजार रु. रिश्‍वत की मांग रखी और उसकी इस मांग को मुख्याधिकारी सहित न.प. सड़क अर्जुनी के बांधकाम समिति सभापति अश्‍लेश मनोहर अंबादे (35 रा. सड़क अर्जुनी), नगरसेवक महेंद्र जयपाल रंगारी (34 रा. सड़क अर्जुनी), निजी व्यक्ति व प्रभाग क्र. 4 की नगर सेविका का पति जुबेर अलीम शेख उर्फ राजु शेख ने भी प्रोत्साहन दिया।

आखिरकार शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग में शिकायत दर्ज करा दी।

शिकायत पर जांच पश्‍चात एसीबी विभाग अधिकारियों ने 13 मई को जाल बिछाया, इस बीच आरोपी नगराध्यक्ष ने रिश्‍वत की रकम निजी व्यक्ति शुभम रामकृष्ण येरणे (27 रा. सड़क अर्जुनी) के दुकान पर देने की बात कहीं और आखिरकार एसीबी की टीम ने सफलतापूर्वक कार्रवाई को अंजाम देकर आरोपी को रिश्‍वत की रकम स्वीकार करते हुए गिरफ्तार कर लिया साथ ही अन्य सभी आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया।

अब सभी 6 आरोपियों के खिलाफ डुग्गीपार थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंध अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह कार्रवाई एसीबी नागपुर के पुलिस अधीक्षक राहुल माकणीकर, अपर पुलिस अधीक्षक सचिन कदम, संजय पुरंदरे के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक (एसीबी गोंदिया) विलास काले, पोनि अतुल तवाड़े, उमाकांत उगले, सउपनि. चंद्रकांत करपे, पो.ह. संजयकुमार बोहरे, मंगेश कहालकर, नापोसि संतोष शेंडे, नापोसि संतोष बोपचे, अशोक कापसे, कैलाश काटकर, मनापोसि संगीता पटले, दिपक बाटबर्वे आदि ने की।

रवि आर्य