Published On : Mon, Jun 28th, 2021

महाविद्यालय प्रबंधन कर्मियों को पूर्ण वेतन दें व नौकरी से निकालने की जुर्रत न करें

– AICTE प्रमुख अनिल सहस्त्रबुद्धे का SB JAIN INSTITUTE OF TECHNOLOGY के प्रबंधन को निर्देश,बावजूद इसके आजतक शिक्षक-अन्य कर्मियों को बकाया वेतन नहीं दिया \

नागपुर – नागपुर जिले की विवादास्पद शिक्षण संस्थान SB JAIN INSTITUTE OF TECHNOLOGY,MANAGEMENT & RESEARCH जो कलमेश्वर तहसील अंतर्गत काटोल रोड पर स्थित हैं.इसके प्रबंधन ने कोविड जैसे महामारी काल में कॉलेज के शिक्षकों और अन्य कर्मियों को 7 माह से मासिक वेतन मात्र 25% ही दिया था और तो और कोई वेतन के लिए आवाज उठाता था तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता था.इनके पक्ष में इनकी शिकायत रिपब्लिकन आघाडी ने AICTE से की थी,जिसको गंभीरता से लेते हुए AICTE प्रमुख अनिल सहस्त्रबुद्धे ने उक्त शैक्षणिक संस्थान प्रबंधन को न सिर्फ नियमित वेतन देने बल्कि इस महामारी में नौकरी से न निकालने की कड़क निर्देश दिए,बावजूद इसके उक्त विवादास्पद शिक्षक संस्थान ने पिछले 7 माह का बकाया वेतन देने के नाम पर आनाकानी कर रही हैं.

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उक्त अन्यायग्रस्त कर्मियों को न्याय मिले इसलिए रिपब्लिकन आघाडी के निमंत्रक संजय पाटिल ने AICTE को पत्र लिख सूचित करते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की थी.

AICTE को जानकारी दी गई थी कि कर्मियों को अप्रैल 2020 से सितम्बर 2020 तक उन्हें कुल मासिक वेतन में से मात्र 25% और अक्टूबर 2020 में 75% वेतन दिया गया था.इस ज्वलंत मामले पर आपत्ति जताने वाले को नौकरी से निकाल भी दिया गया था.इस धांधली में कॉलेज प्रबंधन को लगभग सवा 2 करोड़ रूपए का मुनाफा हुआ था.

AICTE

याद रहे कि केंद्र और राज्य सरकार का इस महामारी को लेकर सख्त निर्देश विद्यार्थी सह महाविद्यालय में काम करने वाले शिक्षक सा कर्मियों के सन्दर्भ में प्रबंधन को दिया गया था.राज्य सरकार ने भी छात्रवृत्ति देने में कोई कटौती नहीं की.विद्यार्थियों से भी पूर्ण वार्षिक शिक्षण शुल्क वसूला गया था.

NAGPUR TODAY ने भी उक्त मामले को प्रमुखता से उजागर कर SB JAIN INSTITUTE OF TECHNOLOGY,MANAGEMENT & RESEARCH की दोहरी नीत को उजागर किया था,नतीजा AICTE CHAIRMAN ANIL SAHASHTRBUDHE ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त महाविद्यालय प्रबंधन को लिखित निर्देश देते हुए शिक्षक-सह अन्य कर्मियों को बकाया-नियमित वेतन देने सह इस महामारी के दौरान किसी को नौकरी से महरूम न करने की हिदायत दी.

उल्लेखनीय यह हैं कि AICTE के निर्देश का एक ओर पालन करते हुए तो नियमित वेतन तो देना शुरू किये तो दूसरी ओर 7 माह का बकाया वेतन देने में आनाकानी कर रहे हैं.इस सन्दर्भ में जल्द ही एक शिष्टमंडल AICTE CHAIRMAN से मुलाकात करेगा।

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