Published On : Tue, Sep 20th, 2022
By Nagpur Today Nagpur News

मुर्गों लड़ाई को खेल का दर्जा दें

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– जागरूक किसान गजेंद्र चाचरकर ने की उच्च न्यायालय में याचिका दायर

नागपुर -किसान गजेंद्र चाचरकर ने राज्य में मुर्गों की लड़ाई को आधिकारिक खेल के रूप में मान्यता देने के लिए मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में एक जनहित याचिका दायर की है. याचिका में पशुपालन विभाग के सचिव और पशुपालन के अतिरिक्त आयुक्त को पार्टी बनाया गया हैं। इस याचिका पर कल बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है।

याद रहे कि देश में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 के लागू होने के बाद से मुर्गों की लड़ाई के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, जनवरी 2018 में सर्वोच्च न्यायालय ने पारंपरिक तरीके से मुर्गों की लड़ाई आयोजित करने की सशर्त अनुमति दी थी। मुर्गों की लड़ाई में तेज ब्लेड, जुआ और सट्टेबाजी प्रतिबंधित थी। इसके अलावा देश में कई जगहों पर प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए मुर्गों की लड़ाई का आयोजन बेख़ौफ़ किया जाता है।

उल्लेखनीय यह है कि 2019 में, आंध्र प्रदेश में एक मुर्गा लड़ाई ने केवल तीन दिनों में 900 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसे ध्यान में रखते हुए मुर्गों की लड़ाई को वैध बनाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी साथ ही इस खेल से मुर्गी-मुर्गा पालन और मुर्गियों की देशी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

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विडम्बना यह है कि देश में क्रिकेट पर भी सट्टा लगाया जाता है।लेकिन उस वजह से क्रिकेट पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था। इसके अलावा, भोजन के लिए मुर्गियों के उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। चाचरकर ने दावा किया है कि एक तरफ ऐसी स्थिति होने पर मुर्गों की लड़ाई पर प्रतिबंध लगाना तर्कहीन है। अदालत में चाचरकर की ओर से अधिवक्ता अश्विन इंगोले पैरवी कर रहे हैं.
जागरूक किसान गजेंद्र चाचरकर की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूती के लिए पहल करने पर सर्वश्री सीनू वियनवार,बंटी पाली,दिनेश दमाहे,भूमिका मेश्राम(कोदामेंढी),हरदीप सिंह बेदी,जगदीप मजीठिया ने की हैं.

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