Published On : Sat, May 16th, 2015

घाटंजी : किसान आत्महत्या रोकने लिए मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक

Ghatanji meeting
घाटंजी (यवतमाल)। लगातार प्राकृति के प्रकोप से हो रही बिन फसल और कर्ज में बढ़ोतरी से किसान आत्महत्या की घटनाये बढ़ रही है. हालही में मुख्यमंत्री ने किसान आत्महत्या को रोकने के लिए जिले के लिए कदम बढाए है. किसान आत्महत्या कैसी रोकी जाए इस पर कैसी उपाय योजना करे? इसके लिए मुख्य सचिव भास्कर देशमुख ने घाटंजी के आय.टी.आय. सभागृह में समीक्षा बैठक ली.

यवतमाल जिले में किसान आत्महत्या का प्रमाण बढ़ा है. शासन स्तर पर इसे रोकने का प्रयास शुरू है. आत्महत्या क्यों हो रही है और उसे रोकने के लिये क्या उपाय योजना की जा सकती है इस पर विचार जाने गए. जलयुक्त शिवार जैसी योजना चलाकर किसानों को मजबूत करने के लिए कार्यो की रूपरेषा तैयार करे. बिना देर किये कार्य पूर्ण करे ऐसा मुख्य सचिव भास्कर देशमुख ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए.

इस दौरान जि.प. सदस्य तथा पूर्व सभापति देवानंद पवार ने आत्महत्या क्यों होती है और शासन ने इस पर क्या उपाय करे इसकी विस्तृत जानकारी दी. ससानी के सरपंच उमरे ने भी किसान आत्महत्या की अनेक बाते जिम्मेदार होनी की बात की. उसे शासनस्तर पर सुलझाये गए ऐसा कहा. जि.प. सदस्या उषा राठोड ने भी किसानों की सिफारिश बताई और पूर्व पं.स. सदस्य सहदेव राठोड ने किसानों की समस्या बताकर कैसे सुलझाये इस पर ध्यान लगाये ऐसा कहां.

इस बैठक में उपविभागीय अधिकारी तहसीलदार एम.एम.जोरंवार, तालुका कृषि अधिकारी, वनविभाग के अमर सिडाम, गटविकास अधिकारी, उत्तम मानकर, गट शिक्षणाधिकारी रावसाहब गुमनाके समेत सभी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. इस चर्चा में अपने अपने विभाग की जानकारी दी गई. आखिर में मुख्य सचिव भास्कर देशमुख ने विस्तृत मार्गदर्शन करके हर काम में ध्यान देकर बिना देर किये काम करे ऐसी सुचंना दी और तालुका के जलयुक्त शिवार के काम की जाँच की.