Published On : Mon, Sep 30th, 2019

बापु के जयंती पर अनोखा अभिवादन,निकलेगी ‘मैं भीं गांधी-गांधी अभिवादन यात्रा

नागपुर : नागपुर कें गौरवशाली इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना लिखा जा रहा हैं.नवरात्री का पर्व अनुठे पद्धती सें संपन्न कर नारी शक्ती का अनुष्ठान नागपुर में किया जा रहा हैं. अमिट योगदान देकर गांधी नें देश का इतिहास लिखा. अक्तुबर के २ तारीख को देश और विश्व में बापु की १५० वी जन्मजयंती मनायी जा रहीं हैं. उसी दिन नागपुर की १५० बालाएँ गांधी एवं १३ बालाएँ कस्तुरबा का वेष-केशभुषा कर अनुठे पद्धती सें गांधी का अभिवादन करनें की तैय्यारी कर रहीं हैं.

नागपुर के १४० वर्ष पुरानें भिडे कन्या शालानें दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (SCZCC) की सहाय्यता सें ‘मैं भीं गांधी – गांधी अभिवादन यात्रा’ का आयोजन किया हैं. इस यात्रा कें लिए दमक्षे सांस्कृतिक केंद्र कें संचालक डॉ दीपक खिरवडकरनें प्रोत्साहित किया. खिरवडकर नें बताया, शिक्षा क्षेत्र में भिडे कन्या शाला का योगदान अपुर्व रहा. करीब १४० वर्षों सें बालाएँ शाला में अखंड शिक्षा साधना कर रहीं हैं. करीब करीब गांधीजी कें उम्र कें बराबर इस कन्या विद्यालय व्दारा गांधीजी का अभिवादन यह अपुर्व घटना हैं. प्रधान मंत्री जब बेटी बचाओ बेटी पढाओ की बात कर रहें हैं, तभीं भिडे कन्या शाला की १५० बेटीयों नें गांधी का किरदार कर कस्तुरबा कें साथ गांधी अभिवादन यात्रा का आयोजन किया, यह नागपुर कें लिए गौरव की बात हैं. उन्होनें दावा किया, बापु का यह अभिवादन अनोखा होगा.

इस यात्रा को लेकर भिडे कन्या शाला गौरवान्वित होनें की बात रखतें हुए मुख्य अध्यापिका संजिवनी हेडाऊ नें कहाँ, अभिवादन यात्रा को संपन्न करनें स्कुल कें सभीं छात्र कडी मेहनत कर रहें हैं. इस पुरे आयोजन की प्रमुख हेमा ब-हाणपुरे नें बताया, लडकीयों कों गांधी कें वेष में प्रस्तुत करना बडा आव्हान हैं. लडकीयों को चोटी होनें सें स्कल कैप में चोटी छिपानें कें साथ गांधीजी की मुछें साकार करना कौशल्य की बात हैं. गांधीजी की मुछें बाजार में रेडीमेड नहीं मिलती. इसकें लिए खास आर्टीस्ट को नियुक्त करना पडा. अब मुछों को नकुल श्रीवास और उनकी ४ लोगों की टीम साकार कर रही हैं.

गांधीजी कें पहवावे को लेकर पर्यवेक्षिका अर्चना गढीकर, गौरी देशमुख, कल्पना बागडे, श्वेता मेंडुलकर, सोनल उमाठे एवं मंजिरी तभानें नें बताया, क्यों की गांधी का किरदार बालाएँ साकार कर रहीं हैं, इसलिए विशेष ध्यान रखा गया हैं. सभीं लडकियों को धोती पहननें कें लिए प्रशिक्षित किया गया. बापु की धोती सफेद नहीं थी, उसमें हल्का माजपाट रंग का झाँक था. उनकी धोती पहनने की त-हा भी वैशिष्ट्यपुर्ण थी. इसलिए धोती को लेकर पुरा पुरा अभ्यास किया गया. नागपुर की जानीमानी थिएटर आर्टीस्ट श्रद्धा तेलंग नें धोती पहनानें कें लिए सभीं को प्रशिक्षित किया. सुनंदा रडके, विजया बोंबटकर, श्रीमती पोहनकर, श्रीमती बोरकर एवं अंजली वरघने नें स्पष्ट किया, की १५० छात्राओं को धोती पहनाना सबसे बडा चैलेंज हैं. गांधी को साकार करनेंवालें छात्राएँ चौथी सें लेकर ९ वी कक्षा सें हैं. उन्हें ५ गज की धोती पहनने का अभ्यास नहीं हैं. इसिलिए भिडे कन्या शाला नें समाज सें भीं आवाहन किया हैं, की धोती पहनानेंवाली एक्सपर्ट महिलाएँ इस अभिनव प्रयोग में अपना योगदान दें.

गांधी अभिवादन यात्रा साकार करनें छात्राओं को गांधी और कस्तुरबा का व्यक्तीविशेष समझाया गया. गांधीजी की फिल्म दिखायी गयी. गांधीजी चरखे पर सूत कैसे कातते थें इसकी तालिम दी गयी, जिसकें लिए सर्वोदय आश्रम कें देशपांडे गुरुजी के महत्वपुर्ण सहयोग का उल्लेख करते हुए ग्रंथपाल संगीता गुलकरी नें स्पष्ट किया की, कस्तुरबा नाटक की दिग्दर्शिका सना पंडित नें लडकियों को कस्तुरबा का किरदार समझाया. गांधी स्मारक निधी कें ट्रस्टी सुनील पाटील, सहयोग ट्रस्ट रवींद्र भुसारी का योगदान अपुर्व रहा.

अभिवादन यात्रा में गांधीजी का पैदल चलना महत्वपुर्ण हैं. गांधीजी की अपनी चलनें की स्टाईल भीं रहीं हैं. इस बात को लेकर प्रग्या कुलकर्णी, सोनाली पोतले, वसुधा अंभईकर, वैशाली भांगे एवं नीना निमिशे नें छात्रों को चलनें कें लिए विशेष प्रशिक्षित किया. इस यात्रा दरम्यान गांधीजी के जीवनगाथा के कुछ प्रसंग भीं प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिसके लिए गजानन राठोड, गजानन बुद्धे, वसंत आष्टनकर एवं ग्यानेश्वर उमरे एवं जगदीश पैगवारनें परिश्रम लिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्दारा प्लास्टीकमुक्त भारत कें लिए अभियान का आरंभ हो रहा हैं. इसी को लेकर भारत विकास परिषद कें चंद्रशेखर घुशे एवं दिलीप गुलकरी के सहयोग सें व्हेरायटी चौक में प्लास्टीक मुक्तता कें लिए जनजागरण हेतु पथनाट्य की प्रस्तुती होगी. नाट्य विभाग के विद्यार्थी जय गाला एवं सारंग गुप्ता के साथ विशाखा दुपारे, नीता कुकडे, मंजुषा चव्हाण एवं निकिता देव नें इसे साकार किया हैं. इसी समय मुंजे चौक में गांधीजी कें जीवन प्रसंगों पर आधारित गांधीजी की जीवनगाथा इस पथनाट्य की भी प्रस्तुती होगी. इस पथनाट्य के लिए फ्रेंडस्-जॉय ऑफ हैपिनेस मंच नें के अतुल देव एवं अभय दीक्षित नें सहाय्यता की हैं. चंद्रकला दुपारे, धनबहादुर सुब्बा, नरेश ठाकरे, राजेश गहरे, जगदीश पैगवार एवं पद्मा फुलबांधे इस गांधी की जीवनगाथा पथनाट्य कें लिए प्रयत्नशील हैं.

अक्तुबर २ तारीख को यह अनोखी गांधी अभिवादन यात्रा भिडे कन्या शाला सें सुबह ८ बजे आरंभ होगी. जो ८ बजकर ४० मिनटपर गांधी – कस्तुरबा के पहनावें में व्हेरायटी चौक पहुँचकर गांधीजी का अभिवादन करेगी. यहाँ गांधीजी कें प्रिय भजनों की छात्राओं व्दारा प्रस्तुती होगी. बर्डी मेनरोड और मोदी नंबर ३ होकर यात्रा का समापन भिडे कन्या शाला में समारोह के पश्चात होगा. स्कुल की मिडिया प्रभारी शर्वरी वैद्यनें बताया, करीब चार सौ से अधिक छात्र पुरे आयोजन में सम्मिलित होंगे. SCZCC संचालक डॉ दीपक खिरवडकर, नागपुर जिला परिषद मुख्याधिकारी संजय यादव, शिक्षा संचालक सतीश मेंढे, शिक्षणाधिकारी डॉ एस एन पटवे, भिडे एज्युकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबा नंदनपवार, सचिव विवेक सोनटके, सेवा किचन की रिमा रियाल, खुशरु पोअचा मान्यवर इस अभिवादन यात्रा में पुरे समय सम्मिलित होकर गांधीजी का अभिवादन करेंगे. यात्रा को प्रोत्साहित करनें कें साथ यात्रा सम्मिलित होनें का आग्रह भारत विकास परिषद के जनसंपर्क अधिकारी कौस्तुभ लुलेनें किया हैं…

ऑटो चाचा का होगा बडा योगदान
गांधी अभिवादन यात्रा में करीब ४०० छात्र-छात्राएँ सम्मिलित हैं. कक्षा ४ थी सें लेकर ९ वी कक्षा कें इन सभी बच्चों को सुबह साढे पाँच बजे उनके निवास से लेकर भिडे कन्या शाला पहुँचाना और कार्यक्रम पश्चात फिर घर छोडनें का बडा जिम्मा बिना एक भी पैसा लिए ऑटो चाचाओ नें सम्भाला हैं. ऑटो चाचा नितीन पात्रीकर कें नेतृत्व में करीब देढ दर्जन सें अधिक ऑटोचाचाओं नें इस अभिवादन यात्रा में अपना योगदान देकर सामाजिक दायित्व का परिचय दिया हैं. यह बडी घटना हैं.

प्लास्टीक मुक्ती संदेश के लिए बटेगी कागज की थैलिया
प्लास्टीक मुक्त भारत का संकल्प पुरा करनें पथनाट्य प्रस्तुती कें साथ अभिवादन यात्रा कें दौरान करीब १ हजार पेपर बैग कें नि:शुल्क वितरण का कार्यक्रम भी भिडे कन्या शालाने बनाया हैं. स्कुल कें करीब १५० छात्राओं नें मिलकर स्वयंस्फुर्ती सें पेपर बैग का निर्माण किया. जिसे यात्रा कें दौरान वितरित किया जाएगा. भारत विकास परिषद कें चंद्रशेखर घुशेनें बताया, अखबार कें कागज सें विभिन्न आकार की पेपर बैंग बनाने के वर्कशॉप को लेकर योजना बनायी गयी हैं. १ दिन कें कार्य अवधी के यह वर्कशॉप महिनाभर नागपुर कें विभिन्न इलाखों में चलाये जायेंगे. वर्कशॉप में पेपर बैग बनाना सिखाया जाएगा ताकी प्लॉस्टीक मुक्ती जल्द सें जल्द हो सकें.

चरखे पर सूत कातनें का दिया जा रहा हैं प्रशिक्षण
अभिवादन यात्रा को लेकर छात्रों को चरखे पर सूत कातनें का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं. गांधी स्मारक निधी कें विश्वस्त सुनील पाटील एवं सर्वोदय आश्रम कें देशपांडे गुरुजी चरखें पर सुत कताई कें लिए छात्राओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं. देशपांडे गुरुजी नें बताया, सूत कताई को लेकर डिलेश्वरी पटेल एवं स्वाती धुर्वे इन् छात्राओं नें अच्छा कौशल्य प्राप्त कर लिया हैं.