Published On : Tue, Feb 13th, 2018

गांधी, आंबेडकर, पटेल नहीं महाराष्ट्र सरकार की नजर में सबसे बड़े नेता हैं पीएम मोदी

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नागपुर: न ही जवाहर लाल नेहरू और न सरदार वल्लभभाई पटेल, न बाबासाहेब आंबेडकर! अगर महाराष्ट्र सरकार की मानें तो पीएम नरेंद्र मोदी भारत के अब तक के सबसे प्रभावशाली नेता हैं . तभी तो महाराष्ट्र सरकार के शिक्षा विभाग ने 59.42 लाख रुपए की लागत पर पीएम मोदी पर करीब 1.5 लाख किताबों की मांग की है. वहीं देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और दूसरे ऐतिहासिक पुरुषों पर महज कुछ हजार रुपए ही खर्च किए हैं. ये किताबें हिंदी, अंग्रेजी के अलावा गुजराती और मराठी भाषा में होंगी, जिन्हें जिला परिषद स्कूलों के पुस्तकालय में रखा जाएगा. इन किताबों को वक्त निकालकर पहली कक्षा से आठवीं क्लास तक के छात्र पढ़ सकेंगे. शिक्षा विभाग के इस कदम पर आलोचकों का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि राज्य सरकार बच्चों के दिमाग में पीएम मोदी की बड़ी तस्वीर बनाने के लिए आतुर हैं. इन किताबों में 24 पन्नों की एक बुकलेट शामिल है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीर्षक के नाम से है. इसमें नरेंद्र मोदी के शुरुआती दिनों की फुल इमेज है जब वह अपने पिता के इसी के साथ कॉमिक सीरीज ‘चाचा चौधरी और नरेंद्र मोदी’ के साथ नरेंद्र मोदी की जीवनी भी ऑर्डर की गई है. इन किताबों की टेंडरिंग प्रक्रिया जनवरी में पूरी हो गई है और फरवरी के आखिर तक इनके पहुंचने का अंदाजा लगाया जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि इन किताबों को खरीदने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत उपलब्ध फंड का इस्तेमाल हुआ है. यानी पीएम मोदी को मॉडर्न आइकन के रूप में पेश करने के लिए नागरिक का पैसा लग रहा है.

एक शिक्षा शोधकर्ता ने कहा, ‘2014 के शिक्षक दिवस से लेकर प्रधानमंत्री जी के प्रस्तावित 16 फरवरी व्याख्यान में उनकी हालिया पुस्तक ‘परीक्षा वारियर्स’ की चर्चा है, राज्य सरकार बच्चों के दिमाग को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर रही है. यह सब करने के बजाय राज्य सरकारों को इस फंड का इस्तेमाल हमारी शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को सुलझाने में करना चाहिए.

इन सबमें शिक्षा विभाग ने 1,30,50,839 किताबें दूसरे ऐतिहासिक चरित्रों पर भी ऑर्डर किया है . इनमें सबसे पहले स्थान पर हैं – छत्रपति शिवाजी महाराज जिन पर 3,40,982 किताबें मंगायी गई हैं. इसके बाद दिवगंत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम (3,21,328) और छत्रपति शाहू महाराज (1,93,972) आते हैं. लेकिन बात करें राजनेताओं की तो केवल पीएम मोदी को ही महत्व दिया गया है. इसमें सिर्फ 1,635 किताबें नेहरू पर और करीब 2,675 किताबें इंदिरा गांधी पर मंगायी गई हैं.

पिछले हफ्ते राज्यसभा के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में सरदार पटेल को जवाहर लाल नेहरू से बेहतर बताया था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने मोदी के आदर्श पटेल पर एक भी किताब ऑर्डर नहीं की है .

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इस ऑर्डर लिस्ट में महात्मा गांधी पर 4,343 किताबें, भीमराव आंबेडकर पर 79, 388 किताबें , पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर 79, 388 किताबें और समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले पर 76,713 किताबें शामिल हैं.

शिक्षा विभाग की स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर स्वाति साठे ने कहा, ‘इन किताबों को छात्रों के रीडिंग पीरियड में उपलब्ध कराया जा सकता है लेकिन ये स्कूलों पर निर्भर करता है कि वे चाहें तो क्लासरूम में बच्चों को किताबें दे सकते हैं या फिर लाइब्रेरी से किराये पर उपलब्ध करा दे सकते हैं .

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