Published On : Wed, Aug 23rd, 2017

फुटाला तालाब वेंटिलेटर पर, पानी से ऑक्सिजन हुआ कम

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Futala
नागपुर:
 अमेरिका के एनजीओ वाटर एनवायरनमेंट फेडरेशन की ओर से पूरी दुनिया में पानी की जांच की जा रही है. जिसमें विभिन्न देशों में पर्यावरण सेवी संस्थाओं द्वारा तालाबों और नदियों के पानी की जांच की जा रही है. जिसमें भारत में यह जिम्मेदारी नागपुर के ग्रीन विजिल फाउंडेशन को दी गई है. ग्रीन विजिल फाउंडेशन की ओर से शहर के तीन तालाबों की जांच की गई. टीम की ओर से सोनेगांव, फुटाला और गांधीसागर तालाब के पानी का परीक्षण किया गया. इन तीनों तालाबों में से फुटाला तालाब में बड़े प्रमाण में ऑक्सिजन की कमी पाई गई है. जिसके कारण इस बार इस तालाब में गणेश विसर्जन शुरू होने से पहले तालाब की सफाई काफी जरूरी हो गई है. ग्रीन विजिल ने तीनों तालाबों का परीक्षण किया.

जिसमें सोनेगांव तालाब में पानी में ऑक्सिजन की मात्रा 4.5 मिली ग्राम प्रति लीटर है. पानी मटमैला होने का प्रमाण 60 है जबकि पानी का तापमान 30 है और इसकी आम्लता 8. 2 है. गांधीसागर तालाब से 6 नमूने लिए गए हैं. जिसमें पानी में ऑक्सिजन की मात्रा 4 मिली ग्राम प्रति लीटर ही है. इसका मटमैला होने का प्रमाण 75 (जेटीयू ) है. यहां के पानी का तापमान 30 है और आम्लता 8.5 है. अब बात करते है फुटाला तालाब की जिसमें ज्यादातर गणपति विसर्जन होते हैं. यहां के पानी में ऑक्सिजन की मात्रा केवल 3.5 मिली ग्राम प्रति लीटर ही है. मटमैला होने का प्रमाण 70 (जेटीयू) है. पानी का तापमान 30 है और इसकी आम्लता 8.5 है. किसी भी तालाब या नदी में परीक्षण करने के बाद उसकी आम्लता अगर 6. 50 से 7 तक होती है तो उसे पीने योग्य माना जाता है.

पानी में ऑक्सिजन की मात्रा 6 मिली ग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए. लेकिन फुटाला तालाब में केवल 3.5 मिली ग्राम प्रति लीटर ही ऑक्सिजन का स्तर होने से इस गणेश विसर्जन के बाद पानी में रहनेवाले जीव जंतुओं के साथ ही पर्यावरण पर भी खतरा मंडरा रहा है. अगर किसी भी तालाब में ऑक्सिजन की मात्रा 2 मिली ग्राम प्रति लीटर होती है तो तालाब के जीवों की मौत होती है. ग्रीन विजल की ओर से हर वर्ष चार बार जल परिक्षण किया जाता है. गणपति विसर्जन से पहले, विसर्जन के बाद, देवी के विसर्जन के बाद और आखरी दिसंबर महीने में पानी का परीक्षण किया जाता है. यह देखने के लिए कि तालाब की स्थिति कैसी है. क्योंकि तालाब का पानी कई बार अपने आपको दुरुस्त कर लेता है. पानी में जितना ज्यादा ऑक्सिजन होगा वह अच्छा है, लेकिन पानी में ज्यादा आम्लता धोका दायक है.

हमारे यहां तालाबों में ऑक्सिजन सप्लाई के लिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता. जबकि इलेक्ट्रॉनिक फव्वारों के माध्यम से यह किया जा सकता है. लेकिन अमेरिका जैसे देशों में ज्यादातर तालाबों में ऑक्सिजन भेजने के लिए फव्वारों का उपयोग किया जाता है. फुटाला तालाब में ऑक्सिजन के साथ ही पानी में उगनेवाली जलकुम्भी भी घातक है. जो काफी बढ़ रही है.

ग्रीन विजिल के संस्थापक कौस्तुभ चटर्जी ने तालाबों की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सोनेगांव तालाब और सक्करदरा तालाब में गणेश विसर्जन पर पाबंदी है. जिसके कारण सभी बड़े और छोटे विसर्जन फुटाला तालाब में ही होंगे. जिससे तालाब को काफी नुकसान पहुंचेगा. नागपुर शहर में करीब 1300 मंडलों की ओर से गणेश की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी. मनपा की ओर से करीब 250 कृत्रिम तालाब विसर्जन के लिए बनाए जा रहे हैं. चटर्जी ने मनपा से मांग की है कि जल्द से जल्द फुटाला तालाब को साफ़ किया जाए और नागरिकों को सन्देश दिया है कि सभी छोटी मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में ही करें साथ ही उन्होंने तालाबों में निर्माल्य न डालने की गुजारिश भी शहरवासियों से की है.

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