Published On : Mon, Oct 16th, 2017

सितंबर में महंगाई की थोक दरों में फल-सब्जियों में राहत

fruits-and-vegetables

Representational pic

 

नई दिल्ली: थोक महंगाई दर के नरम रहने से सरकार को राहत मिल सकती है. सितंबर महीने में थोक मंहगाई के मोर्चे पर कमजोरी देखने को मिली है. सितंबर 2017 में थोक महंगाई 3.24 फीसदी से घटकर 2.6 फीसदी हो गई है.

उद्योग चैंबर एसोचैम ने कहा है कि सितंबर में महंगाई की थोक दरें उद्योग के अनुमान के अनुसार ही रही है और इस पर मांग बढ़ने का थोड़ा असर देखने को मिला है. चैंबर ने कहा है कि मैक्रो इकनॉमिक पैरामीटर पर मांग बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं जो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी बात है.

महीने दर महीने के आधार पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की महंगाई दर में बढ़त देखने को मिली है. यह सितंबर 2017 में 2.72 फीसदी रही है जो अगस्त महीने में 2.45 प्रतिशत पर थी.

प्राथमिक वस्तुओं से जुड़ी महंगाई दर 2.66 से घटकर 0.15 फीसदी हो गई है. बात अगर कोर इंफ्लेशन की करें तो यह अगस्त में 2.5 फीसदी थी जो अब बढ़कर 3 फीसदी हो गई है.

मासिक आधार पर खाद्य महंगाई (फूड इंफ्लेशन) की बात की जाए तो इसमें गिरावट दर्ज हुई है. सितंबर में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 1.99 फीसदी रही है जो अगस्त में 4.41 फीसदी रही थी. महीने के आधार पर ईंधन की महंगाई दर भी 9.9 से घटकर 9 प्रतिशत रही है.

थोक महंगाई के मामले में सब्जियों की महंगाई दर सितंबर में घटकर 15.48 फीसदी पर आ गयी है जो अगस्त में 44.91 प्रतिशत के स्तर पर थी. प्याज की कीमतों में सितंबर में हालांकि 79.78 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि अंडा, मीट और मछली की महंगाई दर 5.47 फीसदी रही है.

दालों के दाम में 24.26 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं आलू की कीमतों में 46.52 फीसदी और गेहूं के भाव में 1.71 फीसदी की कमी दर्ज की गई है.

थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर अगस्त में चार महीने के उच्च स्तर 3.24 फीसदी पर पहुंच गई थी. सितंबर, 2016 में यह 1.36 फीसदी पर थी. खुदरा महंगाई दर सितंबर में अगस्त के 3.28 फीसदी के स्तर पर ही बनी रही.