Published On : Thu, Sep 21st, 2017

संयुक्त क्षेत्रीय केन्द्र द्वारा रामटेक में तीन दिवसीय सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम (सी.आर.ई) का आयोजन

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नागपुर
: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारीता मंत्रालय के अधिन नागपुर स्थित दिव्यांगजनों हेतु संयुक्त क्षेत्रीय केन्द्र (सी आर सी), तथा बहु विकलांग व्यक्ति अधिकारिता संस्थान, चेन्नई के संयुक्त तत्वावधान में रामटेक स्थित स्नेह सदन संस्था के प्रांगण में भारतीय पुनर्वास परिषद् द्वारा मान्यता प्राप्त तीन दिवसीय सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम (सी आर ई) का आयोजन दिनांक 18 सितम्बर से 20 सितम्बर तक किया गया । इस कार्यक्रम में नागपुर तथा आस पास के जिले के 30 विशेष शिक्षक तथा अन्य पुनर्वास व्यावसायिकों को प्रशिक्षित किया गया । इस कार्यक्रम का मुख्य विषय इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ़ फंक्शनिंग था । कार्यक्रम के प्रारंभ में स्थानीय सरपंच श्रीमती गायकवाड मैडमने शिक्षकों को संबोधित किया और बताया कि सी आर सी नागपुर का यह बेहतर प्रयास है जिससे दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में काम करने वाले पुनर्वास व्यावसायिकों को अपनी जानकारी में वृद्धि करने का अवसर मिलेगा ।

इस अवसर पर बोलते हुए सी आर सी के निदेशक श्री गुरबक्श चंद जगोटा जी ने कहा कि यह संस्थान केन्द्र सरकार द्वारा संचालित की जाती है तथा आगे आने वाले दिनों में इस तरह के बहुत सारे कार्यक्रमों का आयोजन पुरे महाराष्ट्र में किया जायेगा । वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 15 सी आर ई तथा 10 नॉन सी आर ई कार्यक्रम हैं । इसके अलावा एडिप स्कीम के तहत दिव्यांगता मापन तथा सहायक उपकरण वितरण हेतु शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जायेगा । सी आर सी के द्वारा सामान्य विद्यालयों में स्क्रीनिंग कैम्प लगाया जायेगा ताकि समय रहते दिव्यान्गता की पहचान की जा सके तथा उसके लिए उचित प्रबन्धन संभव हो सके ।


विदित हो कि भारतीय पुनर्वास परिषद् के अन्तर्गत पंजीकृत विशेष शिक्षकों तथा पुनर्वास व्यावसायिकों को प्रत्येक पांच वर्ष के बाद अपने पंजीयन का नवीनीकरण करना पड़ता है । इसके लिए उन्हें भारतीय पुनर्वास परिषद् से मान्यता प्राप्त सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम में सम्मिलित होना पड़ता है । प्रत्येक एक घन्टे के प्रशिक्षण के उपरान्त उन्हें एक अंक तथा पुरे दिन में 6 अंक प्रदान किये जाते हैं, अर्थात 100 पॉइंट इकठ्ठा करने हेतु उन्हें 5 वर्षों में 100 घंटे का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है । ऐसा नहीं करने पर उनके पंजीयन की वैधता समाप्त हो जाती है और वे क्षेत्र में कार्य नहीं कर सकते । पंजीयन की वैधता समाप्ति के बावजूद कार्य करते हुए पकडे जाने पर आर सी आई द्वारा क़ानूनी करवाई की जाती है ।


कार्यक्रम के दौरान अलग अलग तकनिकी सत्र का संचालन किया गया जिसमें सी आर सी के सहायक प्राध्यापक तथा अन्य विशेषज्ञों सर्व श्री नीरज मधुकर, श्री प्रफुल्ल शिन्दे, सुश्री अपर्णा भाले राव, श्री संजय जी पुसाम तथा श्री सुरेश केशरी जी ने अपने विचार प्रकट किये । श्री राजेन्द्र प्रवीण, सहायक प्राध्यापक, सी आर सी राजनांदगांव को कार्यक्रम की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु विशेष रूप से आमंत्रित किया गया । कार्यक्रम का समन्वयन सी आर सी के विकासात्मक चिकित्सक श्री अभिनव कुमार ने की ।

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