Published On : Mon, Aug 31st, 2020

कन्हान, कुही, मौदा और पारशिवनी में बाढ़ से जन जीवन अस्त व्यस्त

नागपुर– नागपुर जिले में कुछ दिनों पहले हुई लगातार बारिश के कारण कन्हान, कुही, भंडारा समेत नदी किनारे के ज्यादतर गांवो डूब गए थे. जिसके कारण कई नागरिकों के घरों का नुक्सान हुआ है. एनडीआरएफ की टीम की ओर से कई नागरिकों को रेस्क्यू कर बचाया गया है. कई गांव जलमग्न होने के कारण ग्रामीण भाग के सैकड़ों किसान भी अब परेशानी में डूब गए है. नागपुर जिले के तोतलाडोह और नवेगांव खैरी बांध के गेट खोलने से कन्हान नदी में आई बाढ़ से नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी तबाही हो गई है. कई गांवों का संपर्क टूट गया है. लोग सुरक्षित स्थानों पर ले जाए गए हैं.

प्रशासन को किसानों की खेती, मकान और जीवनउपयोगी वस्तुओं का तत्काल पंचनामा कर उन्हें मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. कन्हान नदी से लगे करीब 25 गांवों के नागरिक प्रभावित हुए हैं. बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. अनाज, कपड़े, घर में रखे सामान सब बर्बाद हो गए. किसानों की खड़ी फसल भी बर्बाद हुई है. पारशिवनी में भी बाढ़ से फसलों को काफी नुकसान हुआ है.

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मौदा के तहसीलदार प्रशांत सांगोडे ने बताया कि खापरखेड़ा में बीना नदी के उफान पर आने के कारण गांव का संपर्क टूट गया है. सिर्फ मौदा तहसील की बात करें तो सिर्फ 18 गांवों में बाढ़ के कारण 1158 परिवारों को भारी नुकसान पहुंचा है. 6168 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों की फसल बर्बाद हुई है.

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पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत व जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे ने रविवार को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण दौरे में जनजीवन बड़े पैमाने पर अस्त-व्यस्त सहित फसलों को भी भारी नुकसान का नजारा दिखा. पालकमंत्री डॉ. राऊत ने नुकसान का तत्काल पंचनामा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए. बाढ़ग्रस्त ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की.

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