Published On : Wed, May 18th, 2022

बरसात में जिप वित्त विभाग की लापरवाही से बाढ़ का खतरा

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– जिप सदस्य नाराज,उनका आरोप है कि व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए फाइलें रोकी जा रही हैं

नागपुर – जिला परिषद् अंतर्गत जिले के गांव-गांव तक मानसून सीजन से पहले 25/15 मद के तहत निर्माण विभाग द्वारा आंतरिक सड़कों, नालों, नाले, बारिश के पानी की निकासी सहित विभिन्न कार्य किए जाते हैं. लेकिन सभी प्रस्तावों को वित्त विभाग द्वारा वापस भेजे जाने से इस साल और बाढ़ का खतरा है।

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वित्त विभाग के अधिकारी फाइल को क्यों रोक रहे हैं,इसका कारण वे नहीं बता रहे हैं। नतीजा बरसात के मौसम में देखने को मिल सकता हैं। एक माह में बरसात का मौसम शुरू होने की संभावना है। इससे पहले ये काम होने थे। लेकिन अभी तक किसी काम को मंजूरी नहीं मिली है। अभी मंजूरी मिली तो भी बरसात के मौसम में काम नहीं हो पाएगा।

इसलिए इस वर्ष सड़क, नालियां, नाले, वर्षा जल निकासी के कार्य नहीं किए जाएंगे। सत्ता पक्ष के सदस्यों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि निधि का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। यह सब काम बारिश से पहले कर लेना चाहिए।

बरसात के दिनों में सीवर जाम हो जाता है, गंदा पानी सड़क पर आ जाता है और दूषित पानी नल की लाइन में प्रवेश कर जाता है। इससे नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा होने की संभावना है। साथ ही बाढ़ की स्थिति का भी खतरा बना रहता है। ऐसे समय में समाज भवन और समाज मंदिर ठीकठाक होने से बारिश/बाढ़ के मौसम में आसपास के नागरिकों को सुरक्षित करने में सहायता मिलती हैं। लेकिन इस सारे काम पर वित्त विभाग ने विराम लगा दिया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई सदस्यों ने इन 25/15 मदों के तहत कार्य प्रस्ताव तैयार किया. निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था। लेकिन प्रस्तावों को वित्त विभाग द्वारा अनुमोदित नहीं किया जाता है।

वित्त एवं लेखा अधिकारी मनोज गोसावी द्वारा त्रुटि दूर करने के लिए भेजी जा रही है,इससे जिलापरिषद सदस्य नाराज हैं. अगर मानसून के बाद काम किया जाए तो उसका क्या फायदा ? जिला परिषद में चर्चा है कि इन फाइलों को व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए रोका जा रहा हैं !

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