Published On : Tue, Jun 6th, 2017

एमपी में किसानों पर फायरिंग; 4 की मौत, कई इलाकों में कर्फ्यू

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मंदसौर:
बुधवार को मध्य प्रदेश में किसान राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। किसान जगह जगह प्रदर्शन भी कर रहे हैं। हालांकि ये प्रदर्शन कई जगह हिंसक भी हुए, जिसमें मंदसौर जिले में हुई फायरिंग में 3 लोगों की जान चली गई, तो कम से कम 4 लोग घायल भी हो गए। सरकार ने किसानों की जान जाने के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मामले को संभालने को बिगड़ता देख प्रशासन ने मंदसौर में कर्फ्यू लगा दिया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों पर गोलीबारी को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा है कि बीजेपी का ये कैसा न्यू इंडिया है, जिसमें अपना हक मांगने पर किसानों को गोली मिलती है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार अपने ही देश के किसानों से युद्ध कर रही है।

इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।

मंदसौर में किसान आंदोलन के हिंसक हो जाने की वजह से तीन लोगों की जान चली गई है। यहां फायरिंग की वजह से तीन किसानों की मौत हो गई। किसानों का कहना है कि ये फायरिंग पुलिस की ओर से हुई। फायरिंग में कम से कम 4 लोग घायल भी हो गए।

गोलीबारी में किसानों की जान जाने के मामले में किसान संघर्ष समिति ने कहा कि गोली चलाने वालों पर हत्या का मुकदमा चले। साथ ही शहीद किसान के आश्रित को सरकारी नौकरी के साथ ही 25 लाख का मुआवजा भी दिया जाए।

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वैसे, किसान आंदोलन के बीच आग फैलाने का काम सोशल मीडिया द्वारा भी खूब हुआ, जिसके बाद खबरें आई कि राज्य सरकार ने एहतियातन तीन शहरों उज्जैन, रतलाम और मंदसौर में इटंरनेट व सोशल मीडिया पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी। पर राज्य के गृहमंत्री ने कहा कि इंटरनेट पर किसी भी तरह की कोई रोक नहीं है। साथ ही उन्होंने कर्फ्यू लगाने की अफवाहों का भी खंडन किया। गृहमंत्री ने पुलिस द्वारा फायरिंग के आरोपों को भी नकारा है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों की मौत कैसे हुई, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पुलिस द्वारा गोली चलाने के आरोपों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी में पुलिस किसी भी तरह से शामिल नहीं है। इस मामले की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। यही नहीं, उन्होंने इंटरनेट और कर्फ्यू लगाने जैसी अफवाहों का भी खंडन किया। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने न तो इंटरनेट की सेवा बंद की है, और न ही कर्फ्यू लगाया गया है।

इससे पहले, सोमवार को रतलाम जिले में किसानों के उग्र आंदोलन तथा ट्रेन की पटरियां उखाड़ने की कोशिश में हुई पुलिस से झड़प में गोली चलने से एक आंदोलनकारी की मौत हो गई थी। इससे बिगड़ी स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार ने यह बैन लगाने का फैसला लिया है। मध्य प्रदेश आंदोलन कर रहे किसानों की मुख्य मांग कर्ज मुक्ति और पूरा दाम है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ की अगुवाई में आंदोलन कर रहे किसानों ने नारा दिया है कि खुशहाली के दो आयाम ‘कर्ज मुक्ति और पूरा दाम’।

आंदोलन के नेता शिव कुमार शर्मा उर्फ कक्का जी का कहना है कि लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में लिखा था कि सत्ता आने पर किसानों को फसल लागत मूल्य से 50 प्रतिशत ज्यादा दर पर उत्पाद का समर्थन मूल्य मिलेगा। मगर सत्ता आने के बाद पार्टी वायदे से मुकर गई है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के मामले में भी किसानों को महज जुमला नसीब हुआ है।

बता दें कि भारतीय किसान संघ और मध्य प्रदेश किसान सेना द्वारा किसान आंदोलन समाप्त करने की घोषणा के एक दिन बाद प्रदेश में किसानों से जुड़े विभिन्न यूनियनों में दरार पैदा हो गई। आंदोलन स्थगित करने के विरोध में ‘किसान यूनियन’ ने बीकेएस नेता शिवकांत दीक्षित का नीमच में पुतला फूंका और घोषणा की कि वे समान विचार रखने वाले संगठनों के साथ मिलकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

कृषि विकास के मामले में लगातार राष्ट्रीय अवार्ड बटोर रहे मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन भाजपा के लिए दयनीय हालात पैदा कर रहा है। पीएम मोदी से लेकर पूरा भाजपा नेतृत्व शिवराज के कृषि मॉडल की देश—दुनिया में सराहना करता रहा है। मगर अब वहीं का किसान वाजिब दाम और कर्ज माफी की मांग को लेकर सरकार के सामने है। यहां किसानों को प्याज और सब्जियों के उचित दाम नसीब नहीं हो पा रहे है।

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