Published On : Sat, Nov 1st, 2014

बाभुलगांव : सोयाबीन की फसल से किसान मुसीबत में घिरे


आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया 0 भाव गिरे 0 किससे करें फ़रियाद


Soyabean crop
सवांदाता / शब्बीर खान

बाभुलगांव (यवतमाल)। बारिश की देर से आगमन होने से सोयाबीन की रोपाई देरी से हुई तथा फसल की कटाई के वक़्त बारिश के कहर ढाये जाने से फसल होने में देर हुई. इससे जहां किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी, वहीं सोयाबीन की कीमतें भी गिर गईं, जिससे किसानों को आर्थिक चपत लगी और वे मुसीबतों में घिर गए. उन्हें नई सरकार से न्याय की की अपेक्षा है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऐन खरीफ फसल के वक्त बारिश नहीं होने से सोयाबीन की रोपाई नहीं हो पाई, फिर देर से आई बारिश की वजह से फसल भी देरी से हुई. इस प्रकार किसानों की बजट बिगड़ गई. फिर ज़ब फसल काटने के वक़्त बारिश होने से फसल कम हुई. फसल की पेरणी में भी लगभग 10 हज़ार रुपए का खर्च हुआ. इन कारणों से उत्पादन की तुलना में लागत अधिक होने से किसान अब मुसीबत मैं पड़ गए है. उत्पादन कम और लागत अधिक होने से अब उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी है. वहीं पिछले वर्ष अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन के बीज काले हो गए थे जिससे उनका बाज़ार भाव 3,700 मिले थे. इस बार सोयाबीन की क़ीमत 3,256 तक ही मिला है. तुलनात्मक दृष्टि से इस वर्ष की लागत ज़्यादा आई है.फसल की क्वालिटी अच्छी है. पर भाव कम होने से किसानों की मुसीबतें काफी बढ़ गई हैं. किसान अब सरकारी रहनुमाओं व राज्य की नई भाजपा सरकार से आस लगा रखी है कि वे मुसीबत से उन्हें बाहर शीघ्र निकाल लिया जायेगा.

Soyabean crop
यदाकदा कपास की भी यही स्थिति : वहीं कपास की फसल भी मानसून के देर व कम होने से पेरणी करीब डेढ महीने देर से हुई. उसके बाद फसल रोग के लक्षण नज़र आने से कपास उत्पादन में भी कमी के संकेत मिल रहे है.
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सोयाबीन का उत्पादन (अक्टूबर तक)
वर्ष  2013 – 55 हज़ार 356 क्विंटल
वर्ष  2014 30 हज़ार 149 क्विंटल
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उत्पादन खर्च            खर्च (2014)  खर्च (2013)
1 बोरी सोयाबीन          2650 रु.     1550 रु.
1 बोरी खाद             1200 रु.     1200 रु.
पेरणी                       400 रु.       300 रु.
पेरणी पूर्व वाई            900 रु.      750 रु.
डवरण, कीटनाशक     1200 रु.    1000 रु.
कापनी                     1400 रु.    1200 रु.
कढ़नी (ढाई बोरे)       500 रु.     375 रु.
परिवहन                   150  रु.     125 रु.
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कुल                         8400 रु.    6500 रु.
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(एक एकड़ में उत्पादन खर्च 7500 रु.)