Published On : Sat, Jan 20th, 2018

मेहाडिया भवन हथियाने के लिए अतिक्रमण विभाग का सहारा !


नागपुर: यशवंत स्टेडियम स्थित मेहाडिया चौक पर स्थित पचेरीवाला परिवार की जीर्ण लेकिन आलीशान भवन जिसे मेहाडिया भवन के नाम से जाना जाता है. इस परिवार को आज के बाजार भाव से किरायेदारों से किराया भी नहीं मिल रहा और न ही वे जगह खाली ही कर रहे हैं. इससे नाराज होकर उक्त परिवार ने जिसे सम्पूर्ण जगह बेची उसने भी ठग लिया। इस ठग ने जगह खाली कराने के लिए मनपा अतिक्रमण विभाग का सहयोग लिया. क्या मनपा प्रशासन अब किरायेदारों को खाली करवाने का ठेका भी लेना शुरू कर दी !

उक्त जगह के खरीददार के पार्टनर मनपा के पूर्व पदाधिकारी के करीबी और इस इमारत के चर्चित किरायेदार के सूत्रों के अनुसार उक्त भवन के मालिक पचेरीवाला हैं. इस परिवार ने वर्मा के साथ सम्पूर्ण भवन बेचने के लिए पहले करार किया फिर किरायेदार सहित १.८८ करोड़ में सौदा किया। खरीददार पर आरोप यह है कि उसने पचेरीवाला से धोखाधड़ी कर आर्थिक व्यव्हार १.८८ करोड़ को मात्र ८८ लाख में तब्दील कर दिया. संभवतः १.८८ करोड़ में बेचने का जिक्र वाला पन्ना बदल दिया गया. वर्मा पर यह भी आरोप मढ़ा गया कि पचेरीवाला परिवार के हिस्सेदारों को ८८ लाख में से मात्र कुछ लाख नगदी ही थमाई गई.

पचेरीवाला के करीबियों के अनुसार उक्त विशालकाय इमारत को खाली प्लॉट दर्शाकर वर्मा ने रजिस्ट्री अपने नाम करवाई, जो कि दरअसल फर्जी रजिस्ट्री है. जिसके खिलाफ कुछ घाघ किरायेदार न्यायलय की शरण में है. भले ही इनकी जमीन नहीं लेकिन मौके की जगह छोड़ने के तैयार न होने से न्यायलय में वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी की लड़ाई लड़ रहे हैं.

दूसरी ओर वर्मा मेहाडिया भवन की इमारत के किरायेदारों को खाली करवाने के लिए जो किरायेदार न्यायलय में नहीं गए, उनके अधीनस्त जगह को जीर्ण-क्षतिग्रस्त हिस्सा दर्शाकर उसे गिराने के लिए मनपा अतिक्रमण विभाग को अपने वश में किया। इसके रंगीन झांसे में आकर मनपा अतिक्रमण विभाग के दस्ते की दो दिन पहले कार्रवाई हुई. कुछ खिड़की-दरवाजे को जगह से हिला दिए बाद में वर्मा ने अपने लोगों से खिड़की-दरवाजे अलग कर दिए. अतिक्रमण कार्रवाई से वर्मा को यह भी फायदा हुआ कि एक को नुकसान पहुंचाने से दूसरे के हिस्से की दीवार आदि कमजोर हो गई.


मनपा पर किरायेदारों ने आरोप लगाया कि वर्मा के पार्टनर पूर्व पदाधिकारी के दबाव में मनपा अतिक्रमण विभाग सक्रीय हुई थी, क्या मनपा अब किरायेदारों को खाली करवाने के लिए उक्त प्रकार के ठेके लेने लगी है.

उल्लेखनीय यह है कि उक्त किरायेदारों में से एक किरायेदार पचेरीवाला की जगह खाली करने के बजाय अतिक्रमण कर आरक्षण पर फिल्म निर्माण कर रहा है. दूसरी ओर वर्मा २० करोड़ की जगह लाखों में पाकर विभिन्न स्तर पर ३-५ करोड़ बांटकर मौके की जगह पूर्णतः हथियाने के फ़िराक में सक्रिय हैं.