Published On : Sat, Mar 16th, 2019

हानिकारक रंगो से हो सकती है बीमारियां : इकोफ्रेंडली होली खेलने का ग्रीन विजिल ने दिया संदेश

नागपूर- नागपुर शहर पर आनेवाले दिनों में जलसंकट के मद्देनजर ग्रीन विजिल पर्यवरण संस्था ने शंकर नगर चौक पर ‘खेले पर्यावरणस्नेहि होली ‘ अभियान चलाया. इस अभियान के तहत ग्रीन विजिल के सदस्यों ने रंग-बिरंगे पोस्टर व प्लेकार्ड्स के जरिए कई विशेष मुद्दों पर नागपूर वासियो को संदेश दिया व् चर्चा की. जैसे पानी से होली खेलने के बजाए सुखी होली खेले, हानिकारक रंगो का इस्तेमाल ना करे, एवं होली जलाते समय पॉलीथिन,प्लास्टिक आदि वस्तुए, जिससे वायुप्रदूषण हो उनका इस्तेमाल ना करे. इसके अलावा होली में पालतू जानवरों को ना रंगने का अनुरोध भी संस्था के सदस्यों ने नागपुरवासियों को किया.

अर्थ डे नेटवर्क इंडिया की को-ऑर्डिनेटर एवं ग्रीन विजिल संस्था की टीम लीड सुरभि जैस्वाल ने बताया कि आज कल प्रयोग में आनेवाले रंग काफी हानिकारक होते है. हरे रंग में कॉपर सल्फेट, सिल्वर रंग में एल्युमीनियम ब्रोमाइड, नीले रंग में पर्शियन ब्लू एवं लाल रंग में मर्क्युरी सल्फेट मिला होता है. इसके अलावा लेड, क्रोमियम, कैडमियम, सिलिका, एस्बेस्टोस, मर्क्युरी जैसे मेटल आदि पदार्थ भी रंगो में मिले होते है. जिससे त्वचा में खुजली, आंखो में जलन, सांस की तकलीफ जैसी बीमारियां होती है. इनमे से कुछ तो कैंसर का कारण भी बन सकते है.

संस्था की डिप्टी टीम लीड कल्याणी वैध ने कहा की आज हमने इस अभियान का आगाज किया है एवं होली तक हमारे संस्था के कार्यकर्ता घर घर जाकर नागपुरवासियों से पानी बचाने का एवं पर्यावरणस्नेहि होली खेलने का सन्देश देंगे.

अभियान को सफल बनाने के लिए कौस्तुभ चटर्जी, सुरभि जैस्वाल, कल्याणी वैध, विष्णुदेव यादव, वृषाली शाहने, शीतल चौधरी, विकास यादव, नर्मता झवेरी, हेमंत अमेसार, कार्तिकी कावले, दादाराव मोहोड़, रजत जैस्वाल, नितिन कुकेकर, चिन्मय धीमान, श्रद्धा आटोटे ने प्रयास किया.