Published On : Sat, Nov 29th, 2014

गड़चिरोली : मौशीखांब-मुरमाड़ी जि.प. क्षेत्र में शीघ्र उप-चुनाव!


अंतत: मल्लेलवार की सदस्यता रद्द

bandopant
गड़चिरोली।
नक्सलियों को विस्फोटक मुहैया करवाने के आरोप में वर्षभर से नागपुर कारागृह में काँग्रेस नेता तथा जिला परिषद सदस्य बंडोपंत मल्लेलवार के जि.प. की सर्वसाधारण व विशेष सभा में बिना इजाजत लिए अनुपस्थित रहने से उसकी जि.प. की सदस्यता विभागीय आयुक्त ने रद्द कर दी है. उम्मीद जतायी जा रही है कि अब शीघ्र ही मौशीखांब-मुरमाड़ी जि.प. क्षेत्र में उप-चुनाव कराये जा सकते हैं.

बता दें कि नक्सलवादियों को विस्फोटक मुहैया करवाने के मामले में भामरागढ़ की पुलिस ने 21 जून 2013 को बंडोपंत मल्लेलवार के साथ 6 अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया था. उनमें से 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसमें से एक को गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गयी थी. सिर्फ बंडोपंत मल्लेलवार कई दिनों से फरार रहने के बाद अंतत: उसने 7 अगस्त 2013 को आत्मसमर्पण कर दिया था. तब से वह नागपुर के जेल में बंद था.

मल्लेलवार मौशीखांब-मुरमाड़ी गट क्र. 20 जिला परिषद क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता था, परंतु 8 जुलाई 2013 से जिला परिषद के सर्व साधारण सभा से 30 मई 2013 से, स्थायी समिति के सभा से 31 मई 2013 से, स्वास्थ्य समिति की सभा से बिना इजाजत लिए अनुपस्थित था. महाराष्ट्र जिला परिषद व पंचायत समिति अधिनियम 1961 के कलम 82 (2) के तहत यदि कोई जि.प. का सदस्य परिषद की सभा से 6 महीने अथवा वर्ष भर अनुस्थित रहने व विषय समितियों की सभा से 3 महीने अथवा 6 महीने तक अनुपस्थित रहे तो सदस्यता रद्द हो जाती है. इसी संदर्भ में महाराष्ट्र जिला परिषद व पंचायत समिति अधिनियम 1961 की धारा 40 (1) (ब) के तहत मौशीखांब-मुरमाड़ी जिला परिषद क्षेत्र की स्थान खाली हुई है अथवा मामला क्या है, शंका जाहिर करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विभागीय आयुक्त से 11 जून 2014 को पत्र लिखा. उस पत्र के संदर्भ में विभागीय आयुक्त ने 6 सितम्बर, 22 सितम्बर तथा 20 अक्टूबर को तीन बार सुनवाई की. पहली दो तारीखों पर बंडोपंत मल्लेलवार की ओर से उसके पुत्र राहुल मल्लेलवार उपस्थित हुआ. उसके बाद की सुनवाई में एड. कुणाल मुल्लमवार ने मल्लेलवार की ओर से कार्य देखी. एडवोकेट ने तारीख मुद्दत बढ़ाने के लिए 29 अक्टूबर को लिखित निवेदन दिया. उस पर विभागीय आयुक्त ने 13 नवम्बर 2014 को अंतिम फैसला कर बंडोपंत मल्लेलवार की जिला परिषद की सदस्यता रद्द कर दी. मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विभागीय आयुक्त के इस फैसले से राज्य चुनाव आयोग के सहायक आयुक्त को अवगत कराया दिया है. इसलिए अब शीघ्र ही चुनाव आयोग द्वारा मौशीखांब-मुरमाड़ी जिला परिषद क्षेत्र में हुए रिक्त पद के लिए उप-चुनाव कराये जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है.