Published On : Fri, Jun 5th, 2020

लॉकडाउन के दौरान फीस मांगने वाली स्कूलों पर आपराधिक मामलें दर्ज हो – अग्रवाल

गृहमंत्री श्री अनिल देशमुख से मिला वि.पि.ए का प्रतिनिधि मंडल

विदर्भ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अग्रवाल के नेतृत्व में वि.पि.ए. कोर कमिटी का प्रतिनिधि मंडल गृहमंत्री अनिल देशमुख से मिला तथा अपनी ग्यारह सूत्री मांगों का ज्ञापन सोपा। श्री अग्रवाल ने मंत्री महोदय को बताया की सरकारी आदेश के बावजूद कुछ स्कूले जोर जबरदस्ती से लॉकडाउन दौरान फीस मांग रहे है ऐसी जोर जबरदस्ती करने वाली स्कूलो पर आपराधिक मामले दर्ज किये जाने चाहिए।

श्री अग्रवाल ने कहा की लॉकडाउन के दौरान छात्रों की ३ माह की फीस माफ़ की जाये तथा शैक्षणिक वर्ष २०२० – २०२१ की स्कूलों की फीस में ५० % छूट दी जाए , कोविद -१९ ने सभी की आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी है। लॉकडाउन के चलते देश के सभी परिवार आर्थिक नुकसान का सामना कर रहे है। इस दौरान अपने आप को और परिवार को इस महामारी से बचाने में हर नागरिक जदोजहद कर रहा है। तक़रीबन प्रदेश की सभी स्कूले १० मार्च से बंद पड़ी है और छात्र अपने घर पर ही पढ़ने के लिए मजबूर है। कई स्कूलों में परीक्षाएं भी नहीं हो पायी है वि.पि.ए. की मांगे इस प्रकार है।


१) लॉक डाउन पीरियड – मार्च से मई तक 3 महीनों की सभी स्कूलों की पूरी फीस माफ हो। जिन पालको ने फीस भर दि है उन्हें नये साल में उस फीस का क्रेडिट दिया जाये

२) शैक्षणिक वर्ष 2020 – 21 में सिर्फ 50 परसेंट ट्यूशन फीस ली जाए । ट्यूशन फी में स्कूल के अन्य खर्चे सम्मिलित ना हो।

३) जब तक कोरोनावायरस की वैक्सीन नहीं बन जाती तब तक सभी स्कूल बंद ही रहे।

४) सभी स्कूलों द्वारा मोबाइल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से दी जा रही है ऑनलाइन एजुकेशन तुरंत बंद की जाए ।

५) जब तक स्कूल नहीं खुलते तब तक पेरेंट्स से फीस ना मांगी जाए।

६ ) स्कूलों में और उनके संरक्षण में होने वाली सभी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद हो । जैसे स्कूल प्रांगण में या स्कूल द्वारा निश्चित करे गए किसी एक दुकानदार से ही किताबें , यूनिफॉर्म एवं जूते खरीदना बंद हो ।

७) सभी स्कूलों में पेरेंट्स – टीचर एसोसिएशन (PTA) का सही तरीके से गठन हो और यह पेरेंट्स और स्टूडेंट्स के हित में काम करें यह सुनिश्चित हो ।

८) स्टूडेंट प्रोटेक्शन टास्क फोर्स (SPTF) का गठन करके हर स्टूडेंट को संरक्षण देकर पेरेंट्स के डर को खत्म करना ।

९) पेरेंट्स की शिकायतों का समाधान करने के लिए ” शिकायत सेल ” का गठन करना और हर शिकायत का सही समाधान हो यह यह सुनिश्चित करना ।

१०) शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए जरूरी कदम उठाना । उसके लिए समान विचार वाले लोगों को इस एसोसिएशन से जोड़ना

११) इस वर्ष पाठ्यक्रम व गणवेशो में कोई भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाये।

श्री अनिल देशमुख ने विस्तार से प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की तथा स्कूल संचालको के आचरण पर दुःख प्रकट किया और कहा की आपकी मांगे बिलकुल सही है क्योकि प्रदेश के सभी नागरिक आर्थिक तंगी झेल रहे है बहोत जल्द मुख्यमंत्री से बात कर शिक्षा प्रणाली पर सरकार का धोरण जनता के सामने रखेंगे और उसके बाद अगर कोई भी स्कूल उसका पालन नहीं करती है तो उस पर कड़क कार्यवाही की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में जसमीत सिंह भाटिया , मोहन कोठेकर , राजेश अग्रवाल ,अधिवक्ता अशोक जिंदल ,अधिवक्ता सोनिया गजभिये ,पंकज कालबांधे, जगदीश शर्मा ,सीए.अमित घारलुटे,अहमद कादर आदि उपस्थित थे।