Published On : Wed, Jan 2nd, 2019

मोटी आय का ज़रिया बना ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ चालान अभियान

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नगदी देने वालों को छोड़े व देने में असमर्थ १०४५ को धरे

नागपुर : राज्य गृह मंत्रालय की जनहितार्थ योजना ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ को शहर पुलिस विभाग ने वसूली का जरिया बना लिया है. इस योजना के तहत तैनात पुलिस कर्मी-अधिकारी बार,वाइन शॉप के इर्द-गिर्द घात लगाए नज़र आ जाएंगे. जबकि इन्हें योजना को साकार करने के लिए तैनातगी स्थल दिया जाता हैं.

ऐसे में सवाल यह उठता है कि शहर की जनसंख्या,शहर में शराब की रोजाना/तीज-त्योहारों में खपत,शहर में पीने वालों की संख्या,पीने के लिए लाइसेंसियों की संख्या कितनी है. इसमें से तथाकथित शराब पीकर वाहन चलाने वालों में धरे कितने गए और मामला कितनों पर बनाया गया.मात्र १०४५ पर कार्रवाई दर्शाई गई.

३१ दिसंबर को अंधेरा ढलने के पूर्व से ही ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ के लिए तैनात दस्ता सह अन्य पुलिस वर्दी में शहर के सैकड़ों वाइन शॉप और बार,होटल के बहार अपने अपने वाहनों से गश्त करते दिखे. वाइन शॉप से शराब लेकर अपने गंतव्य स्थल की ओर जाने के लिए निकले,बार से पीकर निकलने वालों,होटल ढाबे से पीकर या न पीकर निकलने वालों को दबोचा गया.

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पुलिस सूत्रों के अनुसार ३१ दिसम्बर की शाम ढलते ही और तड़के सुबह तक पुलिस ने सैकड़ों जगह पीकर/शराब लेकर सफर करने वाले हज़ारों को धर-दबोचा. जिन्होंने नहीं पी थी और सिर्फ शराब ले जा रहे थे,उनसे १००,२०० वसूल लिए. जो पीकर धरे गए,उनकी जेब अनुसार वसूली किए और जो जेब से गरीबी दर्शाए,उनका ही चालान बना दिया. अभियान के कुछ पुलिस का कहना था कि विभाग और आला अधिकारी का राजस्व बढ़ाने के लिए टारगेट हैं इसलिए मज़बूरी में चालान बनाना पड़ रहा है.

यही आलम है नाकाबंदी का
कोराडी रोड पर ओल्ड चुंगी नाका चौराहे पर रोजाना नाका बंदी रहती हैं.नाका बंदी से लगभग १२५ फुट पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है. इस चौराहे पर रोजाना लाखों की संख्या में वाहन शहर की ओर आते हैं.जिनमें प्रत्येक १० में एक दो पहिये वाहन चालक बिना हेलमेट के होते हैं. इनमें से जिस बिना हेलमेट धारी ने आसानी से तैनात पुलिस कर्मियों की मांग पूरी करने की हामी भरी. उससे मात्र २००-३०० रूपए लेकर छोड़ दिया जाता और जिसने आनाकानी की उसके बांकी के कागजातों की मांग कर लंबा कर दिया जाता. यहाँ पर तैनात पुलिस कर्मी के अनुसार हम भी समाज सेवा कर रहे, जहाँ १२-१५ सौ की जुर्माना लग रही हो,उन्हें २-३ सौ लेकर छोड़ रहे.इस अवैध कलेक्शन का हिस्सा ऊपर तक पहुँचता है. इसलिए यह कारनामा बंद नहीं हो सकता. इन्होंने यह भी कहा कि पुलिस चाहे तो शहर अपराध और अवैध कृत मुक्त हो सकता हैं,लेकिन कई कारणों से वह चाहती नहीं.

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