Published On : Mon, Jul 26th, 2021
By Nagpur Today Nagpur News

कोराडी पावर प्लांट को दिवालिया करने का घिनौना षडयंत्र

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– प्लांट मे गंदगी से बीमारी और प्रदूषण का खतरा, कांग्रेस के जिला महासचिव रंगारी का आरोप

नागपुर: महानिर्मिती के 660×3 मेगावाट बिजली निर्माण क्षमता वाले क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का लालफीताशाही और अदूरदर्शिता के चलते दिवाला निकालने का षडयंत्र खेला जा रहा है।कांग्रेस पार्टी के जिला महासचिव और कान्ट्रकटर असोसियेशन के शाखाध्यक्ष रत्नदीप रंगारी ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले तथा ऊर्जा मंत्री डा नितिन राऊत का इस तरफ ध्यानाकर्षित किया है कि कोल हैंडलिंग प्लांट का ठेका कोलकाता की एक प्रतिभाशाली कंपनी को दिया गया है। परंतु इस पावर प्लांट के तत्कालीन मुख्य अभियंता राजेश पाटील की भ्रष्ट प्रवृत्ति के चलते C.H.P. के रखरखाव मे भारी गोलमाल घोटाला हुआ है। उन्होंने इस पावर प्लांट के सी एच पी प्लांट की माली हालत पर महानिर्मिती व्यवसापन के खिलाफ ढेर सारा आरोप मढ़ा है कि कोल हैंडलिंग प्लांट के कन्वेयर बेल्ट राख कोयला और धूल से जाम हो रहा है। साफ-सफाई के आभाव मे कन्वेयर बेल्ट फटने की संभावनाओं से इंकार नही किया जा सकता है। लगता है कि महानिर्मिती के इस पावर प्लांट मे तकनीकी अभियंता के अभाव मे ठेका श्रमिकों के भरोसे पर सी एच पी अपने कल्याण के लिए तरस रही है। बताते हैं कि यहांं की कंपनी भी अधिकारियों की कमीशनखोरी और लालफीताशाही नीति से तंग आ चुकी है।इतना ही नहीं कंपनी इंचार्ज मे व्यवस्थित रख-रखाव की इच्छा शक्ति नही दिखाई देती। क्योंकि इस पावर प्लांटशका रखरखाव पर किसी का बिलकुल ही ध्यान नही है।

कांग्रेस नेता रत्नदीप रंगारी ने महानिर्मिती प्रशासन पर आरोप लगाया कि यदि यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब इस पावर प्लांट कोयला राख और धूल की चपेट मे पूरी तरह सडसड कर स्क्रैप-भंगार हो जाएगा। यहां के चीफ इंजीनियर पाटील ने विकास कार्यों मे लापरवाही और प्रदूषण को बढावा देने का ही कार्य किया है।

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उन्होंने इस पावर प्लांट की बखिया उधेड़ने वाली इस पं बंगाल की कंपनी को ब्लैकलिष्ट करने की मांग दोहराई है। बताते हैं कि भूमिगत कोल बैगन टिपलर से लेकर कोल बंकर तक प्लांट तक की हालत अत्यंत ही दयनीय होते नजर आ रही है। इंका नेता श्री रंगारी ने आगे बताया कि पावर प्लांट की हालत को देखकर एसा लगता है कि महानिर्मिती प्रशासन ने अनपढ गवांर और झोला छाप इंजीनियरों की भर्ती कर रखा है।पावर प्लांट मे जिधर देखो उधर कचरा,राखड, धूल और गंदगी का ढेर लगा हुआ है।जिसकी सडन मे आ रही बदबू ठेका श्रमिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम उभर सकता है।

उन्होंने कहा कि इस पावर प्लांट मे सबसे गंभीर समस्या कोल हैंडलिंग प्लांट की है।कोल कन्वेयर बेल्ट स्ट्रक्चर और कोलबैल्ट के निचले हिस्से मे फंशा कोयला का चूरा राख और कीचड के दल-दल में फंस कर किसी भी क्षण वहाँ निरपराध ठेका मजदूरों की मौत हो सकती हैं। य दल-दल मे फंस कर श्रमिक बीमार एवं अपाहिज हो सकता है। इंका नेता रत्नदीप रंगारी ने मांग की है कि इस कंपनी को हटाने और ब्लैकलिष्ट करने के पहले किसी अनुभव कुशल स्थानीय फर्मों को C.H.P.रखरखाव का काम सौंपा जाए।इसके लिए इस कार्य के तीन अलग-अलग टेंडर निकालना जरुरी होगा। क्योंकि इस पावर प्लांट की माली हालत को देखकर विधुत कर्मचारी ऊर्जा मंत्रालय के खिलाफ तर्कसंगत आरोप प्रत्यारोप मढ़ रहे है उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय की बदनामी हम बर्दास्त नही कर सकते हैं।

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