Published On : Tue, Dec 13th, 2016

डॉ. माने ने की वैद्यकीय शिक्षकों के विरुध्द शिकायतों की स्थानीय स्तर पर जांच की मांग

dr-milind-mane
नागपुर:
वैद्यकीय महाविद्यालय में पढ़ानेवाले प्राध्यापकों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज होने का प्रमाण बढ़ा है। इससे स्नात्कोत्तर व स्नातक पढ़ाई करनेवाले प्रशिक्षु विद्यार्थियों को पढ़ाई के बढ़ते दबाव के बाद भी मरीजों को देखना पड़ता है। इसलिए बार बार वैद्यकीय शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की जाती हैं। यह बात सरकार के ध्यान में आई है।

विद्यार्थी संगठनों और मार्ड के दबाव से वैद्यकीय शिक्षकों को निलंबिन, बदली व विभागीय जांचों का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसे शिक्षकों के खिलाफ फौजदारी रुवरूप की कार्रवाई की जाती है। इससे शिक्षकों के सम्मान को ठेस पहुंचती है साथ ही वे लगातार तनाव में जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसे जांचों के संदर्भ में विधायक मिलिंद माने ने औचित्य का मुद्दा उठाते हुए राज्य के वैद्यकीय महाविद्यालयों में कार्यरत वैद्यकीय शिक्षकों के खिलाफ झूठी शिकायतों का स्थानीय स्तर पर जांच करने के लिए सभागृह का ध्यान खींचा।

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