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    Published On : Tue, Aug 7th, 2018

    जब क्रिमिनल्स का एरिया नहीं तो क्राइम ब्रांच का क्यों…!

    नागपुर: पुलिस आयुक्त डा.भूषण कुमार उपाध्याय ने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों-कर्मचारियों को दो टूक संदेश दिया है कि जिस तरह अपराधी के लिए कोई एरिया नहीं रहता है, उसी तरह क्राइम ब्रांच वालों का भी कोई एरिया निर्धारित नहीं होता. जहां भी, जब भी क्राइम होगा, ड्यूटी पर तैनात क्राइम ब्रांच की सभी टीम को वहां जाकर उससे निपटना होगा.

    जोन के कारण बंट गई थी शक्ति
    शहर के अपराध की बारिकियों को समझने के लिए क्राइम ब्रांच के अफसरों की बैठक लेने के बाद उपाध्याय ने इस बात पर हैरानी जताई कि क्राइम ब्रांच को किसी एक एरिया तक कैसे सीमित किया जा सकता है. उन्होंने साफ कहा कि एरिया सिर्फ पुलिस थानों का होता है.

    उसकी मर्यादा भी कार्यालयीन कामकाज के लिए बनाई गई है. लेकिन बात जब क्राइम ब्रांच की आती है तो वहां थानों की मर्यादा समाप्त हो जाती है. जोन और यूनिट में क्राइम ब्रांच को सीमित कर दिये जाने से समूचे ब्रांच की जो शक्ति थी वह बंट गई थी.

    सुमित की गिरफ्तारी थी टीमवर्क का प्रतीक
    सीपी ने कहा कि जिस तरह वांछित अपराधी सुमित ठाकुर की गिरफ्तारी की गई, वहीं क्राइम ब्रांच की असली ताकत है. सुमित की गिरफ्तारी के लिए क्राइम के दो यूनिटों को एक साथ काम पर लगाया था. क्राइम ब्रांच के यूनिट में बंट जाने का फायदा अपराधियों को ज्यादा मिल रहा था. उसी तरह जब भी सिटी में कोई बड़ी घटना-दुर्घटना या वारदात हो तो भी जिसके यूनिट का है वो देखेगा वाला रवैया होने के कारण कई अपराधी अब तक बच निकलते रहे. सुमित की तरह जितने भी अपराधी सिटी में बेखौफ होकर घूम रहे हैं, उन सभी पर टूट पड़ने के आदेश क्राइम ब्रांच को दिये गये हैं.

    करीब दो वर्ष तक डीआईजी क्राइम का पदभार संभालने के कारण उपाध्याय इसके कामकाज से भलि-भांति परिचित है. क्राइम का कौन सा अफसर कितना काम कर रहा है, इसका भी असेसमेन्ट शुरू किया गया है. जिससे टाइम-पास करने वालों की कंपकंपी छूट गई है. उसी तरह सिटी से ट्रांसफर होने वाले लेकिन क्राइम ब्रांच में अंगद के पांव की तरह जमे अफसरों के बारे में जल्दी ही कोई फैसला हो सकता है.

    आईपीएस राजतिलक संभालेंगे ट्राफिक, 6 घंटे ट्राफिक अधिकारी रहेंगे सड़क पर
    नये सीपी ने डायरेक्ट आईपीएस अफसर डीसीपी राजतिलक को ट्राफिक का मुखिया बनाया. इसके साथ ही ट्राफिक के अफसरों के लिए सोमवार को ही नया फरमान भी जारी कर दिया. अक्सर एसी चेंबर में बैठ कर ड्यूटी करने वाले ट्राफिक के अफसरों को अब सुबह 8 बजे से 11 बजे तक और शाम को 5 बजे से 8 बजे तक सड़क पर रहना होगा. सभी ट्राफिक चेंबर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर यह फरमान लागू रहेगा.

    सड़क पर ट्राफिक मैनेजमेन्ट के साथ-साथ अफसरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधिनस्थ काम करने वाले सभी पीएसआई और अन्य कर्मचारी भी मुस्तैदी से ड्यूटी निभायें.

    पुलिस का असली चेहरा है ट्राफिक
    उपाध्याय ने कहा कि ट्राफिक ब्रांच किसी भी सिटी की पुलिस का असली चेहरा होता है. बीते 4 दिन तक उन्होंने यह अनुभव किया कि सिटी में जहां जरूरत है वहां ट्राफिक मैनेजमेन्ट सही तरीके से काम नहीं कर पा रहा है. सिटी में कई एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन ट्राफिक की समस्या के कारण भला-बुला पुलिस को ही सुनना पड़ रहा है. ऐसे में सबसे पहले अपना घर दुरुस्त करने के बाद जल्दी ही नये सीपी, मेट्रो के अधिकारियों और सिमेन्ट रोड के ठेकेदारों की क्लास लेने वाले हैं.

    संघ मुख्यालय का जायजा, भागवत से मिले
    रविवार को दीक्षाभूमि का दौरा करने के बाद उपाध्याय ने सोमवार को महल स्थित हेटक्वार्टर की सुरक्षा का जायजा लिया. सरसंघचालक मोहन भागवत से भी मुलाकात की.

    क्राइम ब्रांच पूरी ताकत से अपराधियों की कमर तोड़ने का काम करें. अपराधियों में इतना खौफ हो जाए कि या तो वो शहर में ना रहें और रहें तो फिर हवालात के भीतर.


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