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    Published On : Sun, Aug 5th, 2018

    648 करोड़ की डीपीसी मंजूर

    नागपुर: पालकमंत्री की अध्यक्षता में वसंतराव देशपांडे सभागृह में आयोजित जिला नियोजन समिति की बैठक में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 648 करोड़ रुपये खर्च को मंजूरी दी गई. इसमें सर्वसाधारण योजना में पिछले वर्ष से 52 करोड़ रुपये बढ़ोतरी की जानकारी प्रेस-परिषद में पालकमंत्री ने दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने जिले के विकास के लिए करीब 650 करोड़ के नियत खर्च को मंजूर किया. बीते वर्ष डीपीसी को प्राप्त 595.88 करोड़ रुपयों में से मार्च 2018 अंत तक 594 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.

    उन्होंने बताया कि जिले में 99 फीसदी खर्च विकास कार्यों में किया गया. बैठक में सांसद कृपाल तुमाने, विधायक सुधाकर देशमुख, सुधाकर कोहले, सुधीर पारवे, सुनील केदार, प्रकाश गजभिये, समीर मेघे, विकास कुंभारे, गिरीश व्यास, मल्लिकार्जुन रेड्डी, अनिल सोले, जोगेंद्र कवाडे, मिलिंद माने, आशीष देशमुख, समिति सदस्य रमेश मानकर, आशीष जयस्वाल, आनंदराव राऊत, जिलाधिकारी अश्विन मुदगल, मनपा के रवींद्र कुंभारे, जिप अध्यक्ष निशा सावरकर उपस्थित थे. पालकमंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में जुलाई अंत तक 34 फीसदी निधि खर्च की जा चुकी है. उन्होंने दिसंबर के अंत तक 100 फीसदी रकम खर्च करन की हिदायद अधिकारियों को दी, अन्यथा उनके एसआर में इसका उल्लेख किया जाएगा.

    जिला परिषद सबसे पीछे
    डीपीसी की निधि खर्च करने में सबसे पीछे जिला परिषद के विभाग रहे हैं जिसे लेकिन पालकमंत्री ने नाराजगी दिखाई. उन्होंने कहा कि अभी तक कई विभागों ने अपने प्रस्ताव भी नहीं भेजे हैं. 15 अगस्त तक किसी भी हालत में सभी विभाग अपने प्रस्ताव भेंजे. जो विभाग दी गई निधि खर्च नहीं करेंगे उनके संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि हर महीने सबंधित विभाग जिलाधिकारी को योजनांतर्गत खर्च की गई राशि की जानकारी दें.

    64,000 किसानों का सातबारा कोरा
    पालकमंत्री ने बताया कि कर्जमाफी योजना के तहत जिले के 63,792 किसानों का सातबारा पूरी तरह कोरा किया गया है. जिले के 1425 किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला है और 136 करोड़ रुपयों का वितरण किया गया है.

    वहीं काटोल, नरखेड़ के किसानों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपायी के लिए 24 करोड़ रुपये सरकार द्वारा दिये गए हैं. बोंडइल्ली से नुकसान की भरपायी भी 8 तहसील के किसानों को की गई है. कृषि विषयक समस्या व योजना के लिए सुधीर पारवे के नेतृत्व में एक उपसमिति बनाई गई है.

    समिति अपनी रिपोर्ट डीपीसी को दे. जिले में 2400 जलसंधारण तलाब बनाए गए हैं. तालाबों में पानी जमा करने के लिए 65 करोड़ रुपये की जरूरत है. खनिज विकास निधि से 60 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि प्रलंबित कृषि पम्पों को 15 अगस्त से बिजली कनेक्शन देने की शुरुआत की जाएगी.

    रोजगार निर्माण पहला उद्देश्य
    पालकमंत्री ने बतातया कि डीपीसी का पहला उद्देश्य रोजगार निर्माण करना है. उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसे कार्य प्रस्तावित करें जिससे रोजगार निर्माण हो. वृक्षारोपण से रोजगार निर्माण होगा. 10 एकड़ सरकारी जमीन में 20 महिला बचत गट को देकर 4,000 वृक्ष लगाए जाएंगे.

    प्रत्येक महिला को 203 रुपये मजदूरी मिलेगी. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष खनिज विकास निधि से महिलाओं के कैंसर रोग जांच मशीन व एम्बुलेन्स के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गए. मेयो, मेडिकल व डागा अस्पतालों को डीपीसी से मशीन खरीदने के लिए प्रत्येक को 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.


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