Published On : Sun, May 28th, 2017

राजनीति में कभी हिसाब नहीं रखा, सबको साथ रखा सबका साथ मिला – नितिन गड़करी

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नागपुर : बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के जीवन के 60 वर्ष पुरे होने के उपलक्ष में उनका भव्य सत्कार किया गया। नागपुर कस्तूरचंद मैदान में आयोजित षष्ट्यब्दिपूर्ति गौरव पूर्ति समारोह के दौरान गड़करी का सपत्नीक मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और उनकी पत्नी अमृता ने जनता की तरफ़ से सत्कार किया। इस समारोह के दौरान राजनीति और सामाजिक क्षेत्र की जानीमानी शख्सियत भी उपस्थित थी। सत्कार के साथ गड़करी को एक करोड़ एक लाख रूपए धनादेश का चेक भी सौपा गया जसे उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली एनजीओ को सौपने की घोषणा की। अपने सत्कार के अवसर पर बोलते हुए गड़करी ने कहाँ उन्हें जीवन में उनकी हैसियत से ज्यादा ही मिला है इसके लिए वे जनता का ऋणी है।

कार्यक्रम की प्रस्तावना करते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने अपना मनोगत व्यक्त करते हुए कहाँ नितिन गड़करी में आत्मविश्वाश भरा पड़ा है उनके पास ऐसा मनोबल है की वो जो सपना देखते है पूरा करके दिखाते है। मोदी सरकार के पास देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री जाकर संतुष्ट होते है वह गड़करी की वजह से ही। नेवर डाय ऐटिटूड उनकी विशेषता है। गाँव ,ग्रामीण और किसान उनकी राजनीति का केंद्रबिंदु है। दुनिया में होने वाले नए नए प्रयोग उन्हें आकर्षित करते है।

देश के पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कार्यक्रम में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहाँ की आज उनके सत्कार समारोह में अलग अलग दल के लोग बैठे है यह उनके स्वाभाव की वजह से है। गड़करी कलाकार है पिछली बातों को याद करते हुए उन्होंने बताया की जब वो मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने ने कांग्रेस के विधायकों को साथ लेकर अपने इलाके के हक़ के लिए आंदोलन किया। कैबिनेट में वो बेधड़क बोलते है ऐसी हिम्मत काम मंत्रियो के पास होती है जो काम वह देश में कर रहे है वह आसान नहीं है उन्हें इसमें सफलता हासिल हो। देश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने अपने विनोदी अंदाज में गड़करी को शुभकामना दी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद शरद पवार ने कहाँ की गड़करी का काम सराहनीय है दिल्ली में जब उनके कामो की चर्चा होती है तो गर्व महसूस होता है। एक मराठी मानुस अपने काम से संसद का विश्वाश जीतने की क्षमता रखता है कृषि के क्षेत्र में उन्होंने सराहनीय काम किया उनके काम के प्रति हम सबकी आस्था है। पवार के मुताबिक उन्होंने देखा है की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विचारधारा के लोग सिर्फ अपने विचारों से जुड़े लोगो को ही तवज्जो देते थे ऐसे समय में उन्होंने देखा है की किस तरह गड़करी ने विचाधारा की चौखट में छेद कर सब को साथ लेकर काम किया। वैचारिक मतभिन्नता के बावजूद सबसे रिश्ता मजबूत रखा उन्होंने हर जिम्मेदारी को निष्ठा के साथ निभाया है।


मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नितिन गडकरी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए कहे कि वे मौलिक चिंतक,कुशल संगठक,सफल प्रशासक,कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक,राष्ट्रवादी विचारक है।उनके चेहरे पर तेज और उनकी वाणी में साक्षात सरस्वती है। वे सभी को एक समान देखते व व्यवहार करते है। उनके मन मे किसी के लिए भेद नही है।बड़े से बड़े पद पर रहे लेकिन छोटे से छोटे कार्यकर्ता के सुख-दुख में साथ नहीं छोड़ा।नितिन को मैन ऑफ आइडियाज की संज्ञा दी गई तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होंगी।इनके मार्गदर्शन से मध्यप्रदेश में कृषि क्षेत्र में 20% से अधिक की प्रत्येक वर्ष वृद्धि हो रही है।वे ज्ञान,भक्ति व कर्म से लैस है।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि नितिन गडकरी हिंदुस्तान को दिशा देने वाले मंत्री व जनप्रतिनिधि है।छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद क्षेत्रो में हज़ारो किलोमीटर की सड़कें गडकरी के कारण निर्मित हो रहे है।

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तत्पश्चात प्राध्यापक प्रमोद शर्मा ने गडकरी को उनके 61वे वर्ष के पदार्पण अवसर पर दिए जाने वाले सम्मानपत्र का वाचन किया। फिर सम्पूर्ण मंच की ओर से मुख्यमंत्री दंपत्ति के हाथों गडकरी दंपत्ति का सम्मान करते हुए सम्मान चिन्ह, सम्मानपत्र व धनादेश दिया गया।इसके बाद गडकरी दंपत्ति ने उपस्थित जनता को सर झुका कर नमन किया। और अंत मे गडकरी ने अपने सामान के उपरांत उपस्थितों को संबोधित करते हुए कहे कि सम्मान स्थल याने कस्तूरचंद पार्क में कभी अपने तत्कालीन सहयोगियों के साथ पोस्टर चिपकाने का जिम्मा संभालते थे, पक्ष के नेताओ की सभा हेतु दीवारों पर चुना मारते थे और सहयोगी साथी संदेश आव्हान लिखा करते थे। फिर काम खत्म होने पर देर रात चाय की चुस्की किया करते थे।

आज मुझे राजनीति व सामाजिक क्षेत्र में मेरी हैसियत से ज्यादा मिला। मैं कभी किसी का स्वागत करने एयरपोर्ट नही गया,किसी इक्के दुक्के को ही जेब से खर्च कर स्वागतार्थ हार पहनाया।किसी को सिफारिश हेतु अपना बायोडाटा नही थमाया। मेरी सोच थी कि मैं जैसा हूँ, वैसा ही रहूं।सर्वपक्षीय नेताओं से वैचारिक मतभेद रहे लेकिन किसी से मनभेद नहीं रहा। पहली बार मनोहर जोशी मंत्रिमंडल में शामिल हुआ, तब काम न होने पर कैबिनेट में हंगामा किया करता था। सार्वजनिक जीवन के शुरुआती आंदोलन के दौरान कितनी लाठियां खाई,याद नहीं।दिल्ली की राजनीति में जाने की इच्छा नहीं थी लेकिन जाना पड़ा और सभी का सहयोग भी पाया।


मेरा मानना है कि राजनीति में सकारात्मक सोच लाभकारी होता है। देश मे भाजपा सह अन्य पक्ष के मुख्यमंत्रियों ने भी मेरे कामों को सराहा। महाराष्ट्र की राजनीति मेरे लिए प्रेरणादायक ठहरी। अपने जीवन मे जिसका हाथ थामा, कैसी भी परिस्थिति हो नहीं छोड़ा।अपने सार्वजनिक जीवन का कभी अंकेक्षण नहीं किया। यह कड़वा सत्य है कि आरएसएस ने मुझे सींचा है,तभी मैं यहां तक पहुंचा। अन्य पक्षों के अनुभवी नेताओ के बड़प्पन से सीखा हूँ।मेरे मित्र व मेरे कार्यकर्ता ही मेरे परिवार है। श्रीलंका प्रधानमंत्री और दुबई के राजकुमार ने भी मेरे कार्यो को सराहा व अपनाने की जिज्ञासा जताई। मैं अपनी संस्थाओं के मार्फत 6500 लोगो का हार्ट का ऑपरेशन करवाया। नक्सलबाद इलाक़ो में 1400 स्कूल चला रहे है। सत्कार समारोह में मील धनादेश में अपना पैसा जोड़ कर सामाजिक संस्थाओं को दान दे दूंगा।


इस समारोह में नहीं पहुँच पायी स्वरकोकिला लता मंगेशकर ने पत्र लिखकर और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने विडिओ संदेश भेजकर अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक संसद में नितिन गड़करी का लोकार्पण भी किया गया। इस समरोह में असम के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित,केंद्रीय मंत्री विजय गोयल,केंद्रीय गृहराज्य मंत्री हंसराज अहीर,पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण के साथ राजनितिक क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों के साथ राज्य मंत्रिमंडल के सभी मंत्री सामाजिक क्षेत्र की हस्तिया मौजूद रही। आभार प्रदर्शन चंद्रशेखर बावनकुले ने की।

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