
नागपूर – शराब पीने की आदत को लेकर पिता से हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गुस्से में आकर बेटे ने पहले पिता के साथ मारपीट की और फिर लकड़ी के डंडे से उनके सिर व शरीर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण पिता की मौत हो गई। इस हत्याकांड में नागपुर सत्र न्यायालय ने आरोपी बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर.एम. मिश्रा ने मंगलवार को सुनाया। दोषी की पहचान जितेंद्र तुलशीराम बिसेन (23), निवासी केशव नगरी, धामना के रूप में हुई है।
शराब पीने को लेकर पिता-पुत्र में होता था विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक तुलशीराम को शराब पीने की आदत थी। इसी बात को लेकर पिता और बेटे के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। 12 जनवरी 2025 को भी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।
घटना के दिन तुलशीराम शराब पीकर घर पहुंचे थे। इसी बात को लेकर जितेंद्र उनसे उलझ गया। गुस्से में उसने पहले पिता के साथ मारपीट की और फिर लकड़ी के डंडे से उनके सिर और शरीर पर वार किए। हमले में गंभीर रूप से घायल तुलशीराम की मौत हो गई।
भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद मृतक के दूसरे बेटे अंकित की शिकायत पर कुही पुलिस ने 13 जनवरी 2025 को मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की और मामला अदालत में पहुंचा।
10 गवाहों के बयान, अदालत ने सुनाई उम्रकैद
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने गवाहों की गवाही, पेश किए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जितेंद्र बिसेन को हत्या का दोषी ठहराया।
इसके बाद अदालत ने उसे उम्रकैद और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता वर्षा साईखेड़कर ने पैरवी की।
फैसले का संदेश: घरेलू विवाद में हिंसा का गंभीर परिणाम सामने आया। शराब को लेकर शुरू हुआ विवाद पिता की जान लेने तक पहुंच गया और बेटे को अब उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।



