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    Published On : Thu, May 13th, 2021

    क्रिस्टल नर्सिंग होम की शर्मनाक करतूत: पैसे जमा नहीं कराने पर वेंटिलेटर निकाला, हुई मरीज कि मौत

    नागपुर– इस कोरोना महामारी में शहरों की हॉस्पिटलों की लूट और मानवता को शर्मसार करनेवाली घटनाये आये दिन सामने आ रही है. ऐसा ही एक मामला पांचपावली पुलिस स्टेशन की हद में सामने आया है, जहांपर क्रिस्टल नर्सिंग होम के डॉक्टर ने भर्ती मरीज के बेटे ने पैसे नहीं भरने की वजह वेंटिलेटर ही निकाल दिया. जिसके कारण मरीज की मौत हो गई. मरीज के बेटे ने यह आरोप लगाया है और भाजपा नेता संदीप जोशी के साथ पांचपावली पुलिस स्टेशन में जाकर संबंधित हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई हैं.

    शिकायकर्ता बेसा निवासी प्रणीत दिलीपराव कडेकर ने पांचपावली पुलिस से अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पिता दिलीपराव को 21 अप्रैल को क्रिस्टल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था.जिस समय हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था.भर्ती करते समय ही प्रणीत ने 2 लाख रुपए डिपाजिट कर दिए थे. डॉक्टर द्वारा बताए गए इंजेक्शन और दवाईयां समय समय पर लाकर दी. मरीज के इलाज के दौरान हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने उन्हें और पैसे भरने के लिए कहा. प्रणीत ने अब तक खर्च हुए पैसों का बिल मांगा तो वहांपर डॉक्टरों ने उनके साथ तू-तू मैं-मैं की और काफी परेशान करने और टालमटोल करने के बाद हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने उन्हें बिल दिया.

    इसके बाद हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने उनके पिता के बगल वाले मरीज चौधरी के रिश्तेदारों से हॉस्पिटल मैनेजमेंट द्वारा की गई बातचीत का संभाषण सुनाया. जिसमें चौधरी का पूरा सपोर्ट सिस्टम निकालने की धमकी डॉक्टरों की ओर से दी जा रही थी.प्रणीत को चेताया गया कि उनके पिता के साथ भी ऐसा हो सकता है.

    इसके बाद प्रणीत ने हॉस्पिटल द्वारा दिया गया बिल चेक किया तो उनके पिता पर हॉस्पिटल के डॉक्टर द्वारा एक ही दिन में 43 ब्लड शुगर टेस्ट करने का खर्च,आईसीयू चार्ज,एबीजी चार्ज, एक्सरे और दवाइयों का खर्च काफी ज्यादा था. इस खर्च पर प्रणीत ने आपत्ति जताई तो बदले की कार्रवाई करते हुए मैनेजमेंट ने उनके पिता पर ध्यान देना ही बंद कर दिया.इसके चलते उनके पिता की तबियत खराब हो गई. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया और प्रणीत से और पैसे जमा करने के लिए कहा गया. प्रणीत ने पैसे जमा करने के लिए समय मांगा, लेकिन उनकी बात नही सुनी और उनके पिता को लगाया गया वेंटिलेटर निकाल दिया गया.जिससे कुछ देर बाद उनके पिता की मौत हो गई. प्रणीत ने बताया कि वे पहले ही 2 लाख रुपए दे चुके है और 99,519 रुपए और देना था. जिसके लिए उन्होंने समय मांगा था, लेकिन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने निर्दयता का परिचय देते हुए वेंटिलेटर ही निकाल दिया. प्रणीत ने शिकायत में क्रिस्टल नर्सिंग होम के मैनेजमेंट और डॉक्टरो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है.

    इस बारे में ‘ नागपुर टुडे ‘ ने क्रिस्टल नर्सिंग होम से संपर्क करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से किसी भी प्रकार का कोई प्रतिसाद नही दिया गया.

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