Published On : Tue, Nov 21st, 2017

डिजिटल होगा मनरेगा का कामकाज – राज्य मनरेगा आयुक्त


नागपुर: मनरेगा (महात्मा गाँधी रोज़गार गारंटी योजना) के तहत होने वाले कामों का अब डिजिटल लेखा जोखा तैयार किया होगा। वर्त्तमान में मौजूद व्यवस्था के तहत हुए कार्यो का फोटो साक्ष्य के तौर प्रस्तुत किया जाता है लेकिन अब आगामी दिनों में तीन तरह के साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। मंगलवार को राज्य मनरेगा के नागपुर स्थित मुख्यालय में पत्रकारों ने बातचीत में आयुक्त डॉ संजय कोलते ने बताया की केंद्र सरकार की सूचना पर मनरेगा के कामों की निगरानी के लिए जियो एप्प बनाया गया है जिसमे शुरू कामों की तीन चरण में यानि पहली काम शुरू होने से पूर्व, दूसरी 30% धनराशि से हुए काम और तीसरी काम के समाप्त होने के बाद की तस्वीर एप्प में अपलोड़ करनी पड़ेगी। वर्त्तमान में जन मनरेगा नाम से शुरू एप्प में काम को डाला जाता है जिसे सामान्य नागरिक भी देख सकते है।

पत्रकारों से औपचारिक बातचीत में राज्य मनरेगा आयुक्त ने विभाग में शुरू योजनाओ की विस्तार से जानकारी भी दी। उन्होंने बताया की राज्य में मनरेगा योजना के तहत शुरू काम में विदर्भ रीजन बेस्ट परफोर्मिंग है। भंडारा-गोंदिया में सबसे अधिक काम हुए है जबकि अमरावती में काम की डिमांड ज्यादा है। इस वर्ष योजना के तहत 1664 करोड़ के काम किये जाने है जिसमे से अब तक 1404 करोड़ रूपए खर्च किये जा चुके है। खर्च धनराशि में 943 करोड़ रूपए अकुशल मजदूरों को रोजगार देने के लिए खर्च किये गए जबकि 409 करोड़ कुशल रोजगारों को काम देने के लिए। 2017 -18 में 8 लाख 36 हजार 664 काम किये गए। जिसमे 82 हजार 260 परिवारों को काम मिला।

आयुक्त के मुताबिक मनरेगा के तहत सबसे ज्यादा काम कृषि क्षेत्र के लिए किया गया यह योजना भले ही रोजगार निर्मिति के लिए बनाई गयी हो लेकिन इसके तहत राज्य में रोजगार हासिल कर पाने वाले परिवारों की संख्या में कमी आ रही है वित्तीय वर्ष 2015-16 में जहाँ 2 लाख 18 हजार 418 परिवारों को रोजगार मिला वही इस वर्ष यह संख्या महज 82 हजार 260 रही। इस कमी को आयुक्त ने प्राकृतिक स्थितियों को करार दिया उन्होंने बताया की भारी बारिश और अन्य कारणों से काम की गति में असर पड़ा। आयुक्त ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किये जाने की जानकारी दी।

योजना के तहत राज्य में 2 करोड़ 7 लाख मजदुर रजिस्टर है लेकिन इनमे से सिर्फ 25 लाख सक्रीय जॉब कार्ड धारक है। इन सभी मजदूरों के खातों को आधार से लिंक करने का काम शुरू है जिसे मार्च तक पूरा कर लिए जाने का भरोषा मनरेगा आयुक्त डॉ संजय कोलते ने दिलाया।